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गिरिडीह
नियोजन नीति को लेकर बुधवार को छात्र संगठनों के बुलाये गए झारखंड बंद का गिरिडीह में भी खासा असर देखा गया. सैकड़ों की संख्या में छात्र संगठनों के सदस्य छात्रों के साथ सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करते रहे. सुबह से ही छात्रों की टोली झंडा मैदान स्थित सर जेसी बोस स्कूल के समीप विरोध करते हुए सड़क पर बैठ गई और सरकार की नियोजन नीति के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की. इस दौरान छात्र संगठनों की रैली ने पूरे शहर का चक्कर लगाया. छात्रों के प्रदर्शन के कारण शहर में जगह-जगह जाम लग गया.साहिबगंज
प्रर्दशनकारी 60/40 नियोजन नीति के विरोध में सुबह से ही दुकानों व प्रतिष्ठानों को बंद कराने के लिए निकल पड़े थे. जुलूस का नेतृत्व मनोहर टुडू, बाबूधन टूडू, मेरी बास्की और शर्मिला बेसरा कर रहे थे. शहर के विभिन्न चौक चौराहे पर दुकानें स्वत: बन्द थे. प्रर्दशनकारी हाथों में लाठी-डंडे और ढ़ोल नगाड़े के साथ जुलूस निकाल कर शहर का भ्रमण करते हुए कॉलेज रोड़, टमटम स्टैंड के पास वापस लौट आए. जुलूस निकलने की सूचना पर दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों को बंद कर दिया.जामताड़ा
छात्र समन्वय समिति संथाल परगना के आहवान पर बुधवार को झारखंड बंद का जामताड़ा ज़िले में मिलाजुला असर दिखा. छात्र सुबह से ही सड़कों पर उतरकर नारेबाज़ी और प्रदर्शन करते दिखे. 60:40 नियोजन नीति के विरोध में आंदोलनकारी छात्रों ने चंचला मंदिर चौक पर सड़क जाम कर दिया. छात्र-छात्राओं ने डुगडुगी बजाकर हेमंत सरकार की नियोजन नीति का विरोध किया. साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. हाथों में तख्तियां लेकर 60:40 के नियोजन नीति को तत्काल वापन लेने की मांग की.देवघर
नियोजन नीति को लेकर छात्र संगठनों के झारखंड बंद का देवघर जिले में भी खासा असर देखा गया. सुबह से ही शहर के छात्र हाथ में सरकार की नीति के खिलाफ तख्तियां लेकर जुलूस में शामिल हुए और नारेबाजी करते हुए जगह-जगह प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दुकानें बंद कराई. छात्रों के बंद का लंबी दूरी की गाड़ियों पर व्यापक असर पड़ा. जगह- जगह पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी. बंद के कारण बाजार भी प्रभावित रहा.रांची
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रांची में कुछ दुकानें खुलीं तो कुछ बंद रहीं
छात्र संगठनों के झारखंड बंद का रांची में मिलाजुला असर देखने को मिला. हालांकि सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा गहमा गहमी कम देखने को मिली. छिटपुट वाहन भी चल रहे थे. छात्रों संगठनों के सदस्य सड़क पर निकलकर प्रदर्शन करते देखे गए. सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था के कारण बंद समर्थकों को नियंत्रित कर लिया गया.alt="" width="150" height="150" />
हमारी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है : मनोज यादव
छात्र नेता मनोज यादव ने अपनी गिरफ्तारी देते हुए बताया कि हम गिरफ्तार जरूर हुए हैं , हमारी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है लेकिन यह आवाज दबेगी नहीं. हम 60-40 फार्मूले का विरोध करते रहेंगेalt="" width="150" height="150" />
हमें गिरफ्तार कर डराया धमकाया जा रहा है : देवेंद्र नाथ
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि कितनी भी गिरफ्तारी कर ले कोई फर्क नहीं पड़ता है. हमें डराया, धमकाया जा रहा है. पर हम डरने वाले नहीं हैं. हम 60/40 का विरोध कल भी करते थे और आज भी करते हैं.alt="" width="150" height="150" />
अब झारखंड झारखंडियों के लिए होगा : सत्या शुक्ला
छात्र नेता सत्या शुक्ला ने कहा कि हम लोग लगभग 4 महीनों से आंदोलन कर रहे हैं . पर सरकार संज्ञान नहीं ले रही है. अब झारखंड झारखंडियों के लिए होगा. हम बाहरियों को नौकरी लेने नहीं देंगे.हजारीबाग
alt="" width="1068" height="590" /> नियोजन नीति की मांग को लेकर बुधवार को हजारीबाग में सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतरे और अपना विरोध दर्ज किया. विभिन्न चौक-चौराहों पर छात्रों ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की. विद्यार्थियों ने एनएच-33 और 100 रांची पटना और हजारीबाग-विष्णुगढ़ रोड को घंटों जाम रखा. इससे काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा. मेन रोड, कोर्रा, मटवारी, बस स्टैंड के इलाकों में भी समूह बना कर सड़कों पर विद्यार्थी उतरे. बंद का असर बाजार पर भी देखा गया.
धनबाद
alt="" width="1280" height="721" /> 60/40 नाए चल तो के नारे के साथ झारखंड स्टेट स्टूडेंट यूनियन के स्थानीय व मूलवासी समर्थकों ने जिले के कई हिस्से को घंटों अस्त-व्यस्त रखा. जिले की लाइफ लाइन गया पुल को बंद समर्थकों ने लगभग दो घंटे के लिए जाम कर दिया. इस वजह से लगभग आधा शहर जाम की चपेट में आ गया. कई स्कूली बस और एम्बुलेंस भी जाम में फंसे रहे. तीखी धूप व गर्मी की वजह से वाहन में फंसे स्कूली बच्चे, राहगीर व मरीज हलकान रहे. हालांकि जिले के अधिकतर हिस्से में बंद शांतिपूर्ण रहा.
आदित्यपुर
alt="" width="1599" height="899" /> नियोजन नीति के विरोध में बुधवार को बुलाई गई झारखंड बंद का आदित्यपुर में व्यापक असर दिखा. आंदोलनकारियों ने टाटा कांड्रा मुख्य मार्ग को टायर जलाकर सुबह आठ बजे से ही जाम कर दिया था. टोल ब्रिज मोड़ पर ऑटो क्लस्टर के सामने सैंकड़ों की संख्या में जुटे आंदोलनकारियों ने सड़क जाम कर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की. जाम से कदमा लिंक, आदित्यपुर लिंक और सरायकेला जाने वाली मार्ग प्रभावित रहा. जाम की वजह से औद्योगिक क्षेत्र के कामगारों के साथ आम लोगों, छात्रों और कोर्ट के कार्य से सरायकेला आदि जानेवाले लोगों को परेशानी हुई.
घाटशिला
alt="" width="1280" height="960" /> छात्र संगठन द्वारा नियोजन नीति के विरोध में बुधवार को झारखंड बंद घाटशिला क्षेत्र में पूरी तरह बेअसर रहा. अन्य दिनों की तरह स्कूल, कॉलेज, सरकारी गैर सरकारी संस्थान, बाजार पूरी तरह खुले रहे. पर बंद को लेकर मुसाबनी-टाटा रूट की यात्री बसें नहीं के बराबर चलीं. सुबह 10 बजे के बाद बड़ाबांकी के समीप फोरलेन पर बंद समर्थकों द्वारा सड़क पर टायर जलाकर विरोध किए जाने के बाद बहरागोड़ा-टाटा रूट की यात्री बसें बंद हो गई. हालांकि फोरलेन पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह सामान्य रहा. घाटशिला में बंद बेअसर रहा. एक भी बंद समर्थक सड़क पर नजर नहीं आए और न ही थाने में किसी की गिरफ्तारी की सूचना है.
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