Ramgarh: डीएवी रजरप्पा में विद्यार्थियों के लिए ‘मास्टर शेफ: युवा कलिनरी स्टार्स’ के अंतर्गत गुरुवार को फायरलेस कुकिंग एवं पारंपरिक व्यंजन प्रस्तुति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसमें कक्षा दूसरी से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
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इस दौरान कक्षा दूसरी एवं तीसरी के विद्यार्थियों के लिए ‘हेल्दी टिफिन चैलेंज’, कक्षा चौथी एवं पांचवीं के लिए ‘सलाद डेकोरेशन’, कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ‘फायरलेस कुकिंग’ तथा कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ‘रीजनल क्यूजीन प्रेजेंटेशन’ आयोजित किया गया.

विद्यार्थियों ने सीखा पारंपरिक व्यंजन बनाना
इस अवसर पर सीसीएल रजरप्पा क्षेत्र की असिस्टेंट मैनेजर, फाइनेंस स्नेहा रानी एवं प्राजक्ता धनराज सुके उपस्थित रहे. उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों का अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मकता, प्रस्तुति और पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता की सराहना की.
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने बिना आग का उपयोग किए अनेक स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन तैयार किए. इनमें अंकुरित अनाज, ताजे फल, सलाद, सैंडविच, भेल, दही से बने व्यंजन, ढक्कन डब्बा रोटी, खुखड़ी, लिट्टी-चोखा, विभिन्न प्रकार की चटनियां, डोसा, सांभर, अरसा सहित अनेक क्षेत्रीय एवं पारंपरिक व्यंजनों को आकर्षक एवं रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया.
वहीं विद्यार्थियों ने अपने व्यंजनों के पोषण मूल्य, सामग्री तथा उनसे होने वाले स्वास्थ्य लाभ की भी जानकारी दी. इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वस्थ एवं संतुलित खान-पान की आदतों को विकसित करना, उनकी रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना तथा भोजन के पोषण मूल्य के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था.
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि बिना आग के भी स्वादिष्ट, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है और स्थानीय तथा पारंपरिक व्यंजनों को अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सकता है.
डीएवी रजरप्पा के प्राचार्य डॉ. आर.के. साहू ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, संतुलित आहार के महत्व, नवाचार तथा टीम भावना का विकास करती हैं.
उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली की नींव बचपन से ही रखी जानी चाहिए, ताकि बच्चे भविष्य में भी पौष्टिक भोजन को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बना सकें.
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनकी रचनात्मक सोच, नवाचार और आकर्षक प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की. ‘मास्टर शेफ: युवा कलिनरी स्टार्स’ प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय पारंपरिक एवं क्षेत्रीय व्यंजनों के संरक्षण और सम्मान का भी प्रेरणादायी संदेश दिया.
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