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विश्वविद्यालयों की गलती से विद्यार्थी परेशान

Ranchi: रांची विश्वविद्यालय समेत झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों से स्नातक पास विद्यार्थी इन दिनों परेशान हैं. दरअसल, इन विद्यर्थियों ने स्नातक की परीक्षा 3 से 4 साल पहले पास कर ली है. अब विश्वविद्यालय फिर से जेनेरिक पेपर की परीक्षा लेने जा रही है. वहीं विद्यार्थी परीक्षा देना नहीं चाहते हैं. ये मामला सामने तब आया जब स्नातक पास कर के छात्रों ने बीएड कर लिया और शिक्षक के लिए आवेदन करना चाहा तो आवेदन नहीं कर पाए. क्योंकि शिक्षक के लिए दो जेनेरिक पेपर होना अनिवार्य है. बीएड पास छात्रों ने अलग-अलग विश्वविद्यालयों में आंदोलन शुरू किया. जिसके बाद विनोबा भावे विश्वविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय ने एक और जेनेरिक पेपर की परीक्षा लेने के लिए नोटिस जारी कर दिया है. इसे पढ़ें- राहुल">https://lagatar.in/rahul-gandhi-will-go-to-america-on-may-31-will-attend-the-madison-square-rally-in-new-york-on-june-4/">राहुल

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शिक्षाविदों ने बताया यूजीसी का नियम

शिक्षाविदों का कहना है कि एक जेनेरिक पेपर लेने का नियम विश्वविद्यालय का नहीं है. यह निर्णय यूजीसी द्वारा लिया गया है. अब जो समस्या आ रहीं है. एक जेनेरिक पेपर वाली समस्या झारखंड ही नहीं पूरे देश की समस्या है. इसका उपाय यह हो सकता है कि नियुक्ति नियम को बदला जाए. फिर से परीक्षा लेने के बाद छात्रों के पास एक अलग सर्टिफिकेट होगा. अच्छा यही होगा कि विश्वविद्यालय फिर से परीक्षा ना ले शिक्षक बहाली के नियमों में संशोधन कर दिया जाए. इसे भी पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-16-may-2023-jharkhand-news-updates/">शाम

की न्यूज डायरी।।16 MAY।।Iछवि रंजन की बढ़ी कस्टडी।।गैंगस्टर अमन अरेस्ट।।झारखंड दौरे पर संघ प्रमुख।।बिहारःबागेश्वर बाबा पर राजनीति गर्म।।4 जून को केरल पहुंचेगा मॉनसून।।समेत कई खबरें और वीडियो।।
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