- रांची जिले में महिला पुलिस कर्मियों की परेशानियों पर अध्ययन रिपोर्ट जारी
- महिला पुलिस कर्मियों ने कहा, परिवार के लिए नहीं मिलता समय
- 83.02% महिला पुलिस ने कहा, यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं जानती
Ranchi : रांची जिला में कार्यरत 96 फीसदी महिला पुलिसकर्मियों का कहना है कि यहां के थानों में सुविधाओं का घोर अभाव
है. शौचालय इतने गंदे हैं कि वहां जाने लायक स्थित नहीं रहती
है. इससे उन्हें सबसे अधिक परेशानी का सामना करना
पड़ता है. उनके लिए न कोई विश्राम कक्ष है और न ही ड्यूटी के बाद घर जाने की व्यवस्था
है. सोमवार को इन्वेस्टिगेशन ट्रेनिंग स्कूल होटवार में महिला पुलिस कर्मियों के मुद्दों को लेकर अध्ययन रिपोर्ट का लोकार्पण किया
गया. अध्ययन रिपोर्ट रांची जिला की महिला पुलिस कर्मियों की राय पर आधारित
है. रिपोर्ट में पुलिस स्टेशन में काम के दौरान महिला पुलिस कर्मियों को किस तरह की समस्याओं से जूझना
पड़ता है, इस तथ्य को सामने लाया गया
है. यह रिपोर्ट
सीएसएनआर ने तैयार की है, जो मानवाधिकार और जवाबदेह पुलिस प्रणाली की दिशा में काम करता
है. लोकार्पण कार्यक्रम में एसपी मुख्यालय राज पुरोहित, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र रांची के आईपीएस धनंजय सिंह,
सीएसएनआर के निदेशक धीरेंद्र पांडा मौजूद
रहे. महिला पुलिस कर्मियों की क्या है राय
- 96.22% महिला कर्मियों ने कहा, थानों में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध नहीं
- 79.24% ने कहा, विश्राम कक्ष उपलब्ध नहीं
- 35.84% काम के बाद घर जाने का प्रावधान नहीं
- 83.02% महिला पुलिस ने कहा, यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं
- 1.89% महिला पुलिसकर्मियों ने कहा, काम के दौरान यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा
काम के दौरान होती है यह परेशानी
- 28.30% मासिक धर्म के दौरान कमजोरी महसूस होती है
- 24.52% को भारी रक्तस्राव और वर्दी पर दाग लग जाता है
- 39.62% को सैनिटरी नैपकिन बदलने में कठिनाई होती है
घर और परिवार को लेकर कहना है
- परिवार के साथ-साथ स्वयं के लिए भी समय नहीं मिलता
- सप्ताहांत की छुट्टी नहीं
- अपने बच्चों की देखभाल नहीं कर पाती हैं
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