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40 लाख रुपये की लागत से बना उपस्वास्थ्य केंद्र 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं हो सका शुरू

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Arun kumar Garhwa :  गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल के सुदूरवर्ती क्षेत्र सिरोई खुर्द पंचायत के सिरोई गांव में 40 लाख की लागत से बनी उप स्वास्थ्य केंद्र 6 साल बीत जाने के बाद भी अब तक चालू नही हो पाया है. लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. सिरोई खुर्द पंचायत के सिरोई, बघवा सहित अन्य गांव के लोगों के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र सिरोई खुर्द में 40 लाख रुपये की लागत से 6 साल पहले बनायी गयी थी. इसकी हालत अब जर्जर हो चुकी है. अब उप स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील होने को है और अस्पताल का नाम भी मिटने को है. अस्पताल की बाउंड्री के अंदर झाड़ी व गंदगी का अंबार लगा हुआ है. लोग इससे नाराज हैं. लोगों का कहना है कि यह उप स्वास्थ्य केंद्र आम जनता की स्वास्थ्य सुविधा के लिए बनायी  गयी थी. लेकिन अब तक इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर किसी का ध्यान नहीं होने से बंद पड़ा हुआ है. सिरोई खुर्द गांव आदिवासी आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र है. इसे भी पढ़ें-गढ़वा:">https://lagatar.in/garhwa-fight-between-two-sides-in-kharoundhi-police-engaged-in-investigation/">गढ़वा:

खरौंधी में दो पक्षों में मारपीट, पुलिस छानबीन में जुटी https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/01/1-14.jpg"

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झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर

जिस समय अस्पताल बनाया गया था, उस समय गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी थे. यहां लोग इलाज कराने 25 किलोमीटर दूर रंका सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र रंका जिला मुख्यालय गढ़वा प्रमंडल मुख्यालय डाल्टेनगंज जाते हैं. अब स्थिति यह है कि अचानक किसी की तबीयत खराब होने पर झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर है. वही झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा जिला अध्यक्ष नितेश सिंह ने बताया कि लिखित में चिट्ठी लिखकर मंत्री मिथिलेश ठाकुर को मामले से अवगत कराएंगे. इसे बहुत जल्द चालू कराया जायेगा.ऐसे में गौर करने वाली बात यह है कि बंद पड़ी 40 लाख की लागत से उप स्वास्थ्य केंद्र कब तक चालू हो पाता है. जिससे जनता को लाभ मिल सके. [wpse_comments_template]  

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