- क्लीनिकल हेमाटोलॉजिस्ट डॉ अभिषेक ने किया इलाज
दवाइयों की कीमत लगभग 2 लाख रुपये प्रति माह
इसमें हॉर्स एटीजी दवाइयों के साथ दिया जाता है. एटीजी (एंटी-थाइमोसाइट ग्लोब्युलिन) मानव की कोशिकाओं और घोड़े या खरगोश से प्राप्त एंटीबॉडी का मिश्रण होता है. इन दवाइयों की कीमत लगभग 2 लाख रुपये प्रति माह होती है, जिसे 2 से 3 महीने तक खाना पड़ता है. झारखंड में अब यह इलाज संभव है. इसके लिए पहले मरीजों को राज्य से बाहर जाना पड़ता था. इसमें मरीज और परिजनों को परेशानी के साथ ही आर्थिक और मानसिक तनाव भी अधिक होता था. डॉ अभिषेक डीएम क्लिनिकल हेमाटोलॉजी के सुपरस्पेशलिस्ट हैं. वे रक्त संबंधी बीमारियां जैसे ब्लड कैंसर, बोन मैरो आदि का इलाज करते हैं. डॉ अभिषेक ने बताया कि सदर हॉस्पिटल में भी रक्त संबंधी बीमारियों के लिए खास क्लिनिकल हेमाटोलॉजी की सुविधा 1 अप्रैल 2023 से शुरू की गई है.क्या होता है अप्लास्टिक एनीमिया
अप्लास्टिक एनीमिया में व्यक्ति का बोन मैरो, जहां से ब्लड सेल का निर्माण होता है, वह सूख जाता है. जिसके बाद खून (रेड और ह्वाइट दोनों ब्लड) बनना बंद हो जाता है. इसके साथ ही बीमारी में हेमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स भी काफी कम हो जाता है. कई तरह के इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इसमें मृत्यु की संभावना बहुत बढ़ जाती है. यह इसलिए भी खतरनाक होता है, क्योंकि इसका डायगनोस (पहचान) काफी मुश्किल होता है. और यह किससे होता है, इसका भी पता लगाना काफी मुश्किल होता है. वहीं जिन मरीजों में इसका पता चल चुका है, उनके इलाज में परेशानी आती है, क्योंकि इसके इलाज में 12 से 20 लाख रुपये खर्च होते हैं. इसे भी पढ़ें – भाजपा-आरएसएस">https://lagatar.in/bjp-rss-tried-to-spread-religious-hysteria-cm-should-call-an-all-party-meeting-left/">भाजपा-आरएसएसने धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की, सीएम बुलाएं सर्वदलीय बैठक : वामदल [wpse_comments_template]

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