ब्लड कैंसर का इलाज संभव हैः डॉ गुंजेश सिंह
इसके बाद मरीज का कीमोथेरपी शुरू किया गया. कीमोथेरपी के ज़रिए कैंसर कोशिकाओं को तेज़ी से नष्ट किया गया. कीमोथेरपी की प्रक्रिया 10 दिनों तक चली. इसके बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया है. मरीज बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के सांस आसानी से ले पा रहा है. मरीज का इलाज करते हुए दो माह हो गये. मरीज हर 15 दिनों के बाद हॉस्पिटल आकर कीमोथेरपी ले रहे हैं. यह प्रक्रिया अभी छह माह तक चलेगा. फिलहाल मरीज बिल्कुल ठीक है. डॉ गुंजेश सिंह ने कहा कि ब्लड कैंसर क्यूरेबल होता है. एडवांस डिजिज के आने के बाद भी इसे क्यूर किया जा सकता है. ब्लड कैंसर का इलाज संभव है और यह आसानी से ठीक हो सकता है. मरीज को बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है.मरीज को एबीवीडी कीमोथेरेपी दिया गया
गुंजेश ने कहा कि मरीज का पारस हॉस्पिटल धुर्वा में कैंसर का इलाज किया जा रहा है. यह मरीज गर्दन तक फैले बड़े मीडियास्टिनल, प्लुरल इफ्यूशन, पेरीकार्डियल इफ्यूशन और एसवीसीओ के साथ आया था. उन्हें स्टेज 4 हॉजकिन्स लिंफोमा होने का निदान किया गया था. उन्हें प्रीफ़ेज़ कीमोथेरेपी और ट्यूमर लाइसिस सिंड्रोम प्रोफिलैक्सिस पर शुरू किया गया था. उसके बाद एबीवीडी कीमोथेरेपी दिया गया. पारस हॉस्पिटल के फैसिलिटी निदेशक डॉ नीतेश कुमार ने कहा कि मरीज का इलाज केंद्र सरकार के स्वास्थ्य योजना के तहत पारस हॉस्पिटल धुर्वा में किया गया है. सरकारी दर पर मरीज का इलाज किया गया है. पारस हॉस्पिटल में केंद्र सरकार के योजना से जुड़े गरीब तबके लोगों का इलाज किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें - इजरायल">https://lagatar.in/israel-carried-out-air-strikes-on-irans-military-bases-and-several-cities-including-the-capital-tehran-on-saturday-morning/">इजरायलने शनिवार सुबह ईरान के सैन्य ठिकानों, राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में एयर स्ट्राईक की [wpse_comments_template]
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