मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने तत्काल प्रभाव से रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया है: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास pic.twitter.com/GTxoK2Wuyi
">https://t.co/GTxoK2Wuyi">pic.twitter.com/GTxoK2Wuyi
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May">https://twitter.com/AHindinews/status/1521773794674708481?ref_src=twsrc%5Etfw">May
4, 2022
आम लोगों का बिगड़ जायेगा बजट
रेपो रेट बढ़ने से आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा. आरबीआई के इस फैसले के बाद होम लोन, कार लोन समेत अन्य लोन पर ब्याज की दरें बढ़ जायेंगी. जिसके कारण ईएमआई की रकम बड़ी हो जायेगी. आरबीआई ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई का प्रेशर बना रहेगा. शक्तिकांत दास ने कहा कि बेकाबू होती महंगाई के कारण रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान किया गया है. इसे भी पढ़े : हाईकोर्ट">https://lagatar.in/doubts-on-high-court-bar-association-election-after-jsbcs-letter-observer-said-election-will-not-be-held-by-keeping-rules-in-mind/">हाईकोर्टबार एसोसिएशन चुनाव पर संशय, JSBC के पत्र के बाद ऑब्जर्वर ने कहा- नियम ताक पर रख कर नहीं होगा चुनाव
वित्त वर्ष 2022-23 में महंगाई दर 5.7 फीसदी रहने का अनुमान
RBI के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में महंगाई दर 5.7 फीसदी पर रहने का अनुमान है. शक्तिकांत दास ने पिछले महीने बताया था कि महंगाई की दर पहली तिमाही में 6.3%, दूसरी तिमाही में 5%, तीसरी तिमाही में 5.4% और चौथी तिमाही में 5.1% रह सकती है. इसे भी पढ़े : CDC">https://lagatar.in/cdc-employees-have-not-paid-epf-and-esi-for-the-last-15-months-are-circling-the-corporation/">CDCकर्मचारियों का पिछले 15 माह से नहीं हुआ EPF और ESI का भुगतान, लगा रहे निगम के चक्कर
बेकाबू होती महंगाई के कारण रेपो रेट को बढ़ाने का फैसला
बता दें कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो सालों से आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था. इससे पहले 8 अप्रैल को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए रिजर्व बैंक की पहली मॉनीटरी पॉलिसी हुई थी. जिसमें आरबीआई ने लगातार 11वीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था. हालांकि दास ने पिछली बार रिवर्स रेपो रेट को 40 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75 फीसदी कर दिया था. इसे भी पढ़े : राज">https://lagatar.in/raj-thackerays-announcement-if-loudspeaker-did-not-land-from-mosque-then-there-would-be-hanuman-chalisa/">राजठाकरे का ऐलान: नहीं उतरा मस्जिद से लाउडस्पीकर तो वहां होगा हनुमान चालीसा
जिओपॉलिटिकल फैक्टर्स और अन्य कारणों के कारण बढ़ी महंगाई
दास ने बताया कि सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने इकोनॉमी के हालात पर चर्चा करने के लिए बैठक की. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मार्च 2022 में खुदरा महंगाई तेजी से बढ़ी और 7 फीसदी पर पहुंच गयी. खासकर खाने-पीने की चीजों की महंगाई के कारण खुदरा महंगाई तेजी से बढ़ी है. इसके अलावा जिओपॉलिटिकल फैक्टर्स के कारण भी महंगाई बढ़ी है. दास ने आगे कहा कि ग्लोसबल मार्केट में कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और पेट्रोल-डीजल सहित अन्ये ईंधन के बढ़ते दबाव की वजह से आरबीआई ने रेपो रेट में बदलाव किया है. इसे भी पढ़े : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-outrage-among-investors-of-sahara-india-picketing-in-zonal-office/">बोकारो: सहारा इंडिया के निवेशकों में आक्रोश, जोनल कार्यालय में दिया धरना
ब्याज दरों में अचानक बदलाव से शेयर बाजार धड़ाम
आरबीआई द्वारा अचानक ब्याज दरों में बदलाव करने का असर शेयर बाजार पर पड़ा. शेयर मार्केट में अचानक भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 1276.13 अंक टूटकर 55699.8 के लेवल पर ट्रेड करने लगा. जबकि निफ्टी 403.30 अंक फिसलकर 16665.8 के स्तर पर पहुंच गया. थोड़े देर के बाद सेंसेक्स 1379.21 अंकों की गिरावट के साथ 55596.7 के लेवल पर पहुंच गया. जबकि निफ्टी 410 अंक टूटकर 16659 के स्तर पर ट्रेड करने लगा. इसे भी पढ़े : अक्षय">https://lagatar.in/akshay-kumar-completes-30-years-in-the-industry-yash-raj-film-gave-a-special-gift-the-actor-became-emotional/">अक्षयकुमार के इंडस्ट्री में 30 साल पूरे, यशराज फिल्म ने दिया खास गिफ्ट, भावुक हुए एक्टर [wpse_comments_template]

Leave a Comment