Search

जमशेदपुर में नहीं थम रहीं आत्महत्याएं, नवंबर तक 243 लोगों ने की आत्महत्या

Jamshedpur : हाल के दिनों में भी सुसाइड के कई मामले सामने आए हैं। यह सब कुछ स्ट्रेस व डिप्रेशन के कारण ही होता है। ऐसे में आत्महत्या निवारण केंद्र जीवन संस्था ने इसके ऑडिट की भी व्यवस्था की है। यानी अब आप अपने स्ट्रेस और डिप्रेशन की ऑडिट भी करवा सकते हैं। लौहनगरी में फौलादी इरादेवाले लोग रहते हैं. हर सामाजिक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं. किसी का जीवन बचाने के लिए इलाज में मदद करना हो या रक्तदान करना हो.इन्हीं सब फौलादी कार्यों के विपरीत कमजोर दिल वाले भी हैं, जो जीवन से निराश होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं. इनकी तादाद इस वर्ष 11 महीने में 243 पुहंच चुकी है. इन घटनाओं के प्रमुख कारण कोरोना महामारी के प्रकोप, लॉकडाउन और उससे उत्पन्न चिंता, तनाव, भविष्य का भय, डिप्रेशन आदि मानसिक विकार हैं. आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर इसके निवारण की दिशा में कार्यरत संस्था “जीवन” ने गहरी चिंता जतायी है. संस्था के संस्थापक डायरेक्टर डॉक्टर महावीर राम ने आत्महत्या की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि कोरोना महामारी के दौरान 2020 में 258 लोगों ने आत्महत्या की. नवम्बर 2021 तक यह संख्या 243 पहुंच चुकी है. इसे भी पढ़ें :सरायकेला">https://lagatar.in/post-mortem-of-dead-bodies-is-closed-in-seraikela-for-seven-days-now-being-done-in-jamshedpur-mgm-college/">सरायकेला

में सात दिनों से बंद है शवों का पोस्टमार्टम, अब जमशेदपुर एमजीएम कॉलेज में हो रहा

संस्था ने आत्महत्या करनेवाले 84 लोगों को बचाया

जीवन संस्था ने अपने प्रयास व अन्य सहयोगी संस्थाओं की सहायता से 2010 में आत्महत्या की संख्या 200 को कम कर वर्ष 2019 तक 200 के पार नहीं जाने दिया. 2019 में आंकड़ा 170 तक था. 2020 में कोरोना का दौर शुरु होने के बाद उत्पन्न हुई परिस्थितियों के कारण चिंता, तनाव, भविष्य का भय, डिप्रेशन आदि मानसिक विकार ने इसमें बढ़ोतरी कर दी तथा आंकड़ा 243 पहुंचा दिया. डॉ. महावीर राम ने बताया कि जनसंख्या के अनुपात या अनुरूप 2019 में आत्महत्याओं की संख्या 254 हो जाती, लेकिन काल्पनिक रूप से 84 आत्महत्याओं को बचा लिया गया.

डिप्रेशन में हैं, तो करवाएं स्ट्रेस और डिप्रेशन का ऑडिट

डॉ. महावीर राम ने बताया कि आम नागरिक के ज्ञानवर्धन व उनकी सहायता के लिए संस्था की ओर से जन जागरूकता के साथ-साथ लोगों के ज्ञानवर्धन की कई पत्रिकाएं प्रकाशित की है. जिससे आत्महत्या के विचार रखने वाले व्यक्ति क्या संकेत देते हैं. उन विचारों से निदान कैसे पाएं. परिवार के सदस्य, मित्र, सहयोगी कैसे सहायता प्रदान कर सकते हैं.कोई भी व्यक्ति जीवन संस्था के ऑफिस से यह पत्रिका निःशुल्क प्राप्त कर अपने प्रिय व्यक्ति की सहायता कर उन्हें आत्महत्या के प्रयत्न से बचाने का प्रयास कर सकते हैं. संस्था ने आम लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी स्ट्रेस और डिप्रेशन का ऑडिट करवाने का भी प्रबंध किया है. इसके लिए इच्छुक लोग कार्यालय से निःशुल्क फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं.

आत्महत्या के विकारों से जूझनेवालों को भावनात्मक सहयोग जरूरी

जीवन संस्था की दुर्गा राव ने कहा कि इस बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने और आत्महत्या निवारण के लिए सतत प्रयत्न करने का प्राथमिक दायित्व समाज के हर नागरिक पर है. जीवन संस्था अपने दायित्वबोध को निभाने के लिए हर नागरिक से सहयोग की अपेक्षा रखती है, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाया जा सके।

मानसिक विकार होने पर हेल्पलाइन नंबर 9297777499, 9297777500 पर कर सकते हैं संपर्क

किसी भी तरह के मानसिक विकारों व आत्महत्या के विचारों से जूझ रहे हों तो निःशुल्क भावनात्मक सहयोग के लिए सुबह 10 से शाम 6 बजे तक जीवन संस्था, 25, क्यू रोड, बिष्टुपुर या फिर हेल्पलाइन नंबर 9297777499 एवं 9297777500 पर संपर्क कर सकते हैं. [wpse_comments_template]    

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp