Mumbai : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को दावा किया कि ठाणे जिले के बदलापुर कस्बे के एक स्कूल की दो बच्चियों के यौन उत्पीड़न के विरोध में हो रहा प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद राज्य सरकार की छवि खराब करना है. उन्होंने यह भी कहा कि अधिकतर प्रदर्शनकारी बाहरी थे. उधर पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता सुप्रिया सुले ने बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले को लेकर बुधवार को महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की.
बदलापुर घटना पर राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए
एकनाथ शिंदे ने मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत के क्रम में विपक्ष पर निशाना साधा. कहा कि घटना पर राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए. बदलापुर कस्बे में मंगलवार को उस समय बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये जब गुस्साए अभिभावकों, स्थानीय निवासियों और अन्य लोगों ने रेलवे पटरियों को अवरुद्ध कर दिया और उस स्कूल में तोड़फोड़ की, जहां पिछले सप्ताह एक पुरुष सहायक द्वारा दो छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया गया था. मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदर्शनकारी स्थानीय निवासी नहीं थे
मुख्यमंत्री ने कहा, विरोध राजनीति से प्रेरित था क्योंकि प्रदर्शनकारी स्थानीय निवासी नहीं थे. स्थानीय निवासी जो विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे, उन्हें उंगलियों पर गिना जा सकता है. उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें मान लीं लेकिन वे अब भी नरम पड़ने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा, इसका मतलब है कि वे सिर्फ सरकार को बदनाम करना चाहते थे. शिंदे के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारी तख्तियां लिये हुए थे जिनमें लाडकी बहिन योजना का जिक्र था. तख्तियों पर लिखा था, उन्हें 1,500 रुपये नहीं चाहिए, लड़कियों की सुरक्षा चाहिए
यह महिलाओं के लिए महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख वित्तीय सहायता योजना है. तख्तियों पर लिखा था कि उन्हें 1,500 रुपये की मासिक राशि नहीं चाहिए बल्कि अपनी लड़कियों की सुरक्षा चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने रेल मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिसके कारण बदलापुर और अंबरनाथ के बीच रेल सेवाएं 10 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहीं. मुख्यमंत्री ने कहा, क्या कोई इस तरह से विरोध करता है? इस योजना के कारण विपक्ष को जो पेट दर्द हो रहा है, वह कल के विरोध प्रदर्शन से दिखाई दे रहा है. बुधवार को शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी
विरोध प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने घटना की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी आरती सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की. व्यापक पैमाने पर प्रदर्शनों के मद्देनजर बुधवार को शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी. फडणवीस के पास गृह मंत्रालय का जिम्मा है
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता सुप्रिया सुले ने बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले को लेकर बुधवार को महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की. फडणवीस के पास गृह मंत्रालय का भी जिम्मा है. शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार महिला सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर नहीं
बदलापुर की घटना की निंदा करने के लिए आयोजित एक विरोध प्रदर्शन से इतर संवाददाताओं से बात करते हुए सुले ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि सरकार तो पार्टियों को तोड़ने में व्यस्त है, लिहाजा उसके पास आम लोगों के लिए समय नहीं है. बता दें कि राज्य सरकार ने मंगलवार को दो बच्चियों के यौन उत्पीड़न की जांच में कर्तव्य के प्रति लापरवाही के लिए एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सहित तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया. गृह मंत्री मुंबई से ज्यादा समय दिल्ली में बिताते हैं
सुले ने कहा, स्कूल में घटना के तत्काल बाद यदि शिक्षा मंत्री ने कार्रवाई की होती तो आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ती. यह दर्शाता है कि यह सरकार महिलाओं की सुरक्षा के बारे में बिल्कुल भी गंभीर नहीं है. सरकार आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय का इस्तेमाल कर घरों, पार्टियों को तोड़ने में व्यस्त है. बारामती से सांसद सुले ने घटना को लेकर फडणवीस की आलोचना की और पूछा कि शक्ति कानून का क्या हुआ जो पहले लाया गया. उन्होंने कहा, गृह मंत्री, जो मुंबई से ज्यादा समय दिल्ली में बिताते हैं, उन्हें इस घटना पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और नैतिक जिम्मेदारी के तौर पर इस्तीफा देना चाहिए. शिवसेना (उद्धव ठाकरे) सांसद संजय राउत ने कहा , दो छोटी बच्चियों के साथ घिनौना अपराध हुआ है. उन बच्चियों को समझ भी नहीं है कि उनके साथ क्या हुआ है? आरोप लगाया कि घटना के विरोध में जो लोग सड़क पर उतरे हैं, सरकार उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर रही है. मुख्यमंत्री सेपूछा कि आपका बुलडोजर बदलापुर में क्यों नहीं गया? आप खुद क्यों नहीं गये.? नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है. मुख्यमंत्री का यह कहना कि ये राजनीतिक प्रदर्शन है, गलत है. उन्हें अपने दावों की पुष्टि करनी चाहिए. पूछा कि क्या विपक्ष न्याय की मांग नहीं कर सकता?
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