Search

चतरा संसदीय क्षेत्र से सुनील सिंह या कोई और...

Ashish Tagore Latehar : भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट भी जारी कर दी है. इस लिस्ट में कुल 72 नाम हैं. जबकि भाजपा के द्वारा जारी किये गये पहली सूची में 195 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गयी थी. इनमें झारखंड के 11 सीट भी शामिल थे. लेकिन चतरा संसदीय सीट पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. अंदरखाने से छन कर आ रही खबरों के अनुसार जिस प्रकार हजारीबाग व लोहरदगा में सीटिंग एमपी को टिकट नहीं दिया गया है, ऐसा ही कुछ चतरा लोकसभा क्षेत्र में भी देखने को मिल सकता है. सूत्र बताते हैं कि इस बार चतरा से दो बार के सांसद रहे सुनील सिंह का पत्ता कट सकता है. लेकिन अगला प्रत्याशी कौन होगा, इस पर संशय बरकरार है. सांसद प्रत्याशी की दौड़ में कई लोग हैं, जो अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं. ऐसा नहीं है कि सांसद सुनील सिंह प्रत्याशी की दौड़ में नहीं हैं. लेकिन भाजपा के शीर्ष नेता या संगठन सब कुछ ठोक बजाकर करना चाहता है. यही कारण है कि अभी तक चतरा लोकसभा सीट को लेकर कोई फैसला नहीं आया है. इस बार के चुनाव में भाजपा ने अबकी बार 400 पार का नारा दिया है. ऐसे में भाजपा नेतृत्व कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. वैसे प्रत्याशियों को मैदान में उतारना चाहती है, जिसके जीतने की गारंटी हो.

कई स्तर पर तैयार की गयी है ग्रांउड रिपोर्ट

बताया जाता है कि सांसद का टिकट देने से पहले भाजपा संगठन ने कई स्तर पर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है. इसमें आरएसएस का भी फीडबैक शामिल है. इसके अलावा जनता से नाम एप्प पर फीडबैक ली गयी है. जनता से सांसद को लेकर सवाल भी पूछे गये हैं. सांसद के दो साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड खंगाला गया है. राज्य के चुनाव समिति एवं मंत्रियों के दौरे की रिपोर्ट भी ली गयी है. सब कुछ ठीक रहने के बाद ही सांसद को रिपिट किया जा रहा है. सांसद सुनील सिंह इसमें कहां तक खरे उतर पाये हैं यह तो संगठन ही बता सकता है. लेकिन चतरा संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी के नाम की घोषणा अब तक नहीं होने से कयास लगाया जा रहा है कि सांसद सुनील सिंह के लिए सब कुछ ठीक नहीं है.

केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में भी हुआ विरोध

15 मार्च को चतरा संसदीय क्षेत्र के ईटखोरी में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाजपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लिया. सम्मेलन के दौरान सांसद सुनील सिंह के विरोध में स्वर सुनाई पड़ी. हालांकि सुनील सिंह के समर्थकों ने इसे विरोधियों की एक साजिश करार दिया. समर्थकों ने कहा कि सांसद प्रत्याशी के दौड़ में शामिल अन्य लोगों ने ऐसा करवाया है. सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का यह कार्यक्रम इसीलिए तय किया गया था कि लोगों को यह लगे चतरा में सुनील सिंह के लिए सककुछ ठीक-ठाक चल रहा है. लोगों का कहना है कि सांसद सुनील सिंह इस कार्यक्रम के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भाजपा के शीर्ष लॉबी में उनकी पकड़ सबसे अधिक मजबूत है. इसे भी पढ़ें : बिहार">https://lagatar.in/bihar-153-dsps-transferred-before-lok-sabha-elections-satyakam-becomes-sdpo-of-patna-sadar/">बिहार

: लोस चुनाव से पहले 167 DSP का तबादला, सत्यकाम बने पटना सदर के SDPO
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp