Ranchi: झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण सुओ मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन (स्वत: दाखिल-खारिज) प्रक्रिया का असर दिखने लगा है. प्रक्रिया के लागू होने के महज एक माह अंदर ही करीब 99.36 प्रतिशत डीड स्वतः म्यूटेशन के लिए भेजे गए हैं. जमीन की रजिस्ट्री होते ही कागजात ऑनलाइन रजिस्ट्री ऑफिस से दाखिल-खारिज के लिए सीधे संबंधित अंचल कार्यालय पहुंच रहे हैं. इसका मैसेज भी रजिस्ट्री कराने वाले के मोबाइल पर मैसेज से मिल रहा है. इससे दाखिल- खारिज प्रक्रिया में बिचौलियों की घुसपैठ भी खत्म हुई है. आमजन को राहत मिली है. इसे पढ़ें- परिवार">https://lagatar.in/family-planning-annual-review-officers-employees-who-do-not-meet-target-sterilization-will-be-punished/">परिवार
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एक माह में लगभग शत-प्रतिशत स्वतः म्यूटेशन
बता दें कि बीते एक दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में यह व्यवस्था लागू की थी. अब तक पूरे राज्य में रजिस्ट्री 12,569 डीड में से 12,489 डीड (कुल 99.36 प्रतिशत) संबंधित अंचलाधिकारी को सुओ मोटो म्यूटेशन के लिए भेजे गए हैं. जो डीड तकनीकी कारण से रजिस्ट्री ऑफिस से स्वतः अंचल कार्यालय नहीं भेजे गए, उसके लिए संबंधित रजिस्ट्री ऑफिसर के स्तर पर डीड को भेजने के लिए ऑनलाइन पुश बटन का प्रावधान किया गया. इसका उपयोग कर रजिस्ट्री ऑफिसर ऐसे डीड को संबंधित अंचल कार्यालय को भेजेंगे. इसे भी पढ़ें- लातेहार">https://lagatar.in/latehar-news-lawyers-who-stayed-away-from-judicial-work-after-seven-days-the-water-crisis-is-over-read-five-news-including-review-of-jslps-works/">लातेहारकी खबरेंः न्यायिक कार्य से अलग रहे वकील, सात दिन बाद जलसंकट दूर, JSLPS के कार्यों की समीक्षा समेत पांच खबरें पढ़ें
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