नगर विकास विभाग को बजट में कम पैसे क्यों?- सरयू राय
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विधायक सरयू राय ने कहा कि बजट में इतनी बड़ी राशि विभागों को दी जा रही है. जिन विभागों को पैसे दिये जा रहे हैं उन्होंने मूल बजट की राशि का कितना उपयोग किया है. इसपर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है. लेकिन नगर विकास विभाग को बजट में सिर्फ 19 करोड़ रुपये दिया गया है, जबकि ऊर्जा विभाग को 488 करोड़ और स्वास्थ्य विभाग को 518 करोड़ मिले हैं. सरयू ने कहा कि बिजली की स्थिति राज्य में खराब है. न बिजली रहती है और ना समय पर मेंटेनेंस होता है. वहीं ग्रामीण इलाकों में तैयार किये गये स्वास्थ्य संरचना 10 फीसदी भी काम नहीं कर रहे हैं. अधिकांश जिलों में सिविल सर्जन प्रभार पर हैं. सरकार को देखना चाहिए कि बजट से आम जनता को क्या मिल रहा है. इसे भी पढ़ें-स्थापना">https://lagatar.in/it-is-difficult-to-say-whether-we-will-be-able-to-celebrate-the-foundation-day-in-the-new-campus-vice-chancellor-npu/">स्थापनादिवस नये परिसर में मना पायेंगे या नहीं यह कहना मुश्किल है : कुलपति
मूल बजट का 25 फीसदी राशि ही खर्च कर पायी सरकार- बाउरी
बीजेपी विधायक अमर बाउरी ने कहा कि मूल बजट का सिर्फ 25 फीसदी राशि ही सरकार खर्च कर पाई है. पर्यटन विभाग का खर्च 0 प्रतिशत है. वहीं अन्य विभागों में भी बजट की राशि 4-5 फीसदी से ज्यादा खर्च नहीं हुई है. मार्च लूट की तैयारी है, इसलिए और पैसा मांगा जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने 2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित किया था, लेकिन रोजगार नहीं मिला. उल्टे रोजगार छीन लिये गये. 2 साल में नियोजन नीति नहीं बनी. बीजेपी सरकार ने 22000 किलोमीटर सड़क बनायी थी. लेकिन इस सरकार ने 5 किलोमीटर सड़क नहीं बनाई. बजट की राशि खर्च करने का प्रतिशत बता रहा है कि इन्होंने कुछ नहीं किया है.बीजेपी ने अपनी नीति और नियत से राज्य को कर दिया था खोखला- प्रदीप
विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि वे अनुपूरक बजट का समर्थन करते हैं. बजट के विरोध में कटौती प्रस्ताव लाने वाले गरीब विरोधी मानसिकता के लोग हैं. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने खजाना खाली कर इस सरकार के सामने कई चुनौतियां छोड़ दी थीं. सिर्फ पैसे से ही नहीं अपनी नीति और निर्णयों से भी पिछली सरकार ने इस राज्य को खोखला कर दिया. रघुवर सरकार ने बड़ी बारिकी से जो छुरी चलाई थी, उसे हेमंत सरकार ने पहचान लिया. नियोजन नीति और बहाली में पिछली सरकार की मंशा बाहरियों को नौकरी देने की थी. इसलिए ऐसे नियम बनाये गये जिससे बाहरी लोगों के लिए यहां नियुक्ति के द्वार खुले. इसे भी पढ़ें-जया">https://lagatar.in/jaya-bachchans-anger-broke-out-said-you-will-have-bad-days-i-curse/">जयाबच्चन का फूटा गुस्सा, बोली – आपके बुरे दिन आयेंगे, मैं श्राप देती हूं [wpse_comments_template]
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