Air Fare Supreme Court : Alright, don't travel by air. Next case. यानी, ठीक है, हवाई जहाज से यात्रा ना करें. अगला मामला. यह कथन है सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ का. जस्टिस विक्रम नाथ ने यह बात हवाई जहाज के किराये में 700 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को लेकर दायर जनहित याचिका को मेंशन करते वक्त कहा. यानी उन्होंने इस मामले पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया और अगले मामले पर चले गए.
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि हवाई किराया में 700 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है. अधिवक्ता ने कहा कि हवाई यात्रा आवश्यक सेवा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि हवाई जहाज से यात्रा ना करें.
याचिका में कहा गया है कि त्योहारों, छुट्टियों और आपात स्थितियों में डायनेमिक प्राइसिंग के नाम पर किराये में अचानक भारी बढ़ोतरी कर दी जाती है. इसलिए इस मामले में दिशा-निर्देश दिया जाये.
उल्लेखनीय है इससे संबंधित एस लक्ष्मीनारायण की जनहित याचिका जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच में लंबित है.