NewDelhi : इलाहाबाद, राजस्थान व कलकत्ता समेत 12 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता लगभग साफ हो गया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने एक बार में इन अदालतों के लिए 68 नामों की सिफारिश की है. इसे भी पढ़ें : रिलायंस">https://lagatar.in/reliance-industries-market-cap-crosses-15-lakh-crores-tata-groups-market-valuation-also-increased/">रिलायंस
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तीन सदस्यीय कॉलेजियम ने इतिहास रच दिया है
न्यायमूर्ति रमना, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की तीन सदस्यीय कॉलेजियम ने इतिहास रच दिया है, इतनी बड़ी संख्या की सिफारिश को अप्रत्याशित ही माना जायेगा. जान लें कि इन उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की भारी कमी है. केंद्र द्वारा यदि इन नामों पर मुहर लग जाती है तो उनकी नियुक्ति इन उच्च न्यायालयों में हो जायेगी. मारली वांकुंग मिजोरम से पहली ऐसी न्यायिक अधिकारी बन गयी हैं, जिनका नाम गुवाहाटी उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद के लिए भेजा गया है. वह अनुसूचित जनजाति से हैं. उनके अलावा नौ अन्य महिला उम्मीदवारों की भी संस्तुति की खबर है. इसे भी पढ़ें : सुब्रमण्यम">https://lagatar.in/subramanian-swamywrote-a-letter-to-pm-modi-said-delay-in-investigation-of-corruption-bjps-image-is-getting-spoiled/">सुब्रमण्यमस्वामी की पाती पीएम मोदी के नाम, कहा , भ्रष्टाचार की जांच में हो रही देर, भाजपा की छवि हो रही खराब
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