National News : 1993 के मुंबई बम विस्फोट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आतंकी अबू सलेम की याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दिये जाने की खबर है. 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार हुए बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी. अबू सलेम को 11 नवंबर 2005 को पुर्तगाल से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया था.
Supreme Court has dismissed a plea filed by 1993 Mumbai serial blasts convict and gangster Abu Salem seeking premature release from the life sentence awarded to him.
— ANI (@ANI) September 10, 2026
A bench of Justice Vikram Nath and Justice Sandeep Mehta found no infirmity in the Bombay High Court’s judgment…
उस समय भारत सरकार ने पुर्तगाल को आश्वासन दिया था कि उसे 25 साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जायेगी. 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में कहा था कि 25 साल की सज़ा काट लेने के बाद वह रिहाई की मांग कर सकता है.
सलेम की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील ऋषि मल्होत्रा के अनुसार जेल में अच्छे आचरण के लिए मिली छूट और मुकदमे के दौरान जेल में बिताई अवधि को जोड़ने पर उसकी 25 साल की सज़ा पूरी हो चुकी है अब उसे जेल में रखना गैरकानूनी है. यह संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन है.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सलेम के वकीस की दलीलें ठुकरा दी. कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा की गयी गणना के अनुसार अबू सलेम की सज़ा अभी पूरी नहीं हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दखल नहीं देगा.
बता दें कि इसी साल 16 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अबू सलेम की याचिका सुनने से मना कर दिया था. कहा था कि नासिक जेल से मिले दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा था कि हाई कोर्ट यह मामला सुनेगा. साथ ही हाई कोर्ट को जल्द सुनवाई का निर्देश देने से इनकार कर दिया था.
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