Lagatar Desk
सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई को यह स्पष्ट किया है कि एसआइआर प्रक्रिया देश भर में जारी रहेगी. संविधान के आर्टिकल 324 के तहत चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों की सफाई करने की शक्ति है. इसके तहत मतदाताओं का वेरिफिकेशन घर घर जाकर करने का अधिकार आयोग को है.
STORY | SC upholds EC's power to conduct SIR, says exercise necessary for free and fair polls
— Press Trust of India (@PTI_News) May 27, 2026
The Supreme Court on Wednesday upheld the power of the Election Commission of India to conduct a Special Intensive Revision (SIR) exercise of electoral rolls, saying that it "advances… pic.twitter.com/NiHMXdTFjz
उल्लेखनीय है कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, योगेंद्र यादव समेत अन्य ने याचिका दाखिल कर एसआइआर को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आज याचिका को खारिज कर दिया.
साथ ही यह भी कहा कि हर 20 साल के बाद निष्पक्ष चुनाव के लिए एसआइआर जरूरी है. ताकि मृतक, डुप्लिकेट व माइग्रेंट वोटरों को सूची से हटाया जा सके.
इसके साथ ही कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि हटाए गए नामों के साथ कारणों का भी प्रकाशन करें. साथ ही आधार (Aadhar) को दस्तावेज के रूप में स्वीकार करें. कोर्ट ने अपील प्रक्रिया को आसान बनाने का भी आदेश दिया है.
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