Search

देशद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट के तेवर कड़े, केंद्र सरकार को हिदायत, बुधवार सुबह तक रुख साफ करें

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट में आज मंगलवार को देशद्रोह मामले पर सुनवाई हुई. खबरों के अनुसार केंद्र की मोदी सरकार ने मामले पर सुनवाई टालने की अपील SC से की. लेकिन याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने इसका विरोध किया. सुप्रीम कोर्ट देशद्रोह कानून पर पुनर्विचार करने के लिए केंद्र सरकार को हिदायत दी. साथ ही एक दिन का और समय दे दिया. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने लंबित केसों और भविष्य के मामलों को सरकार कैसे संभालेगी, इस पर रुख साफ करने के लिए केंद्र को कल यानी बुधवार सुबह तक का समय दिया है. इसे भी पढ़ें : शशि">https://lagatar.in/shashi-tharoor-made-fun-of-the-kashmir-files-then-vivek-agnihotri-reminded-the-late-sunanda-pushkar/">शशि

थरूर ने उड़ाया The Kashmir Files का मजाक, तो विवेक अग्निहोत्री ने स्वर्गीय सुनंदा पुष्कर की याद दिलायी

केंद्र सरकार ने  देशद्रोह मामले में सफाई पेश की

केंद्र सरकार ने इससे पहले कोर्ट के सामने देशद्रोह मामले में अपना रुख बदलने को लेकर सफाई पेश की. सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राष्ट्रहित और देश की एकता अखंडता को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय कार्यपालिका ने यह नया निर्णय लिया है. हालांकि इससे दंड का प्रावधान नहीं हटाया जायेगा. कोई नहीं कह सकता कि देश के खिलाफ काम करने वाले को दंडित ना किया जाये. कहा कि सरकार इसमें और सुधार का प्रावधान कर रही है इसलिए कोर्ट अभी सुनवाई टाल दे. इस पर याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल सिब्बल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार इसकी आड़ ले रही है, जबकि हमने तो आईपीसी के प्रावधान 124A को ही चुनौती दी है. नया संशोधित कानून जो आयेगा सो आयेगा, हमने तो मौजूदा प्रावधान को चुनौती दी है. इसे भी पढ़ें : क्रिप्टो">https://lagatar.in/shock-to-crypto-investors-preparation-to-impose-28-percent-gst-after-30-percent-tax/">क्रिप्टो

निवेशकों को झटका! 30 फीसदी टैक्स के बाद 28 फीसदी जीएसटी लगाने की तैयारी

सीजेआई ने कहा, नोटिस भेजे नौ माह बीत गये

सीजेआई ने केंद्र सरकार पर लगभग बरसते हुए कहा कि हमारे नोटिस को नौ महीने हो गये हैं. अब भी आपको समय चाहिए? आखिर कितना वक्त लेंगे आप. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हमने कानूनी आधार पर अपनी बात हलफनामे के जरिए कोर्ट के सामने रख दी है, लेकिन कानून में संशोधन के लिए कितना समय लगेगा इस बारे में अभी कोई वादा या भरोसा नहीं दिया जा सकता. इस पर सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि आज अटॉर्नी जनरल कोर्ट में क्यों नहीं हैं? सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि उनकी तबीयत खराब है. इसे भी पढ़ें : वर्ल्ड">https://lagatar.in/in-the-conference-of-the-world-muslim-communities-council-the-egyptian-minister-said-muslims-should-be-loyal-to-their-country-and-flag/">वर्ल्ड

मुस्लिम कम्युनिटीज काउंसिल की कॉन्फ्रेंस में मिस्र के मंत्री बोले, अपने देश और झंडे के प्रति वफादार रहें मुस्लिम

कोर्ट अभी कानून के अमल पर रोक लगा दे

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के क्रम में याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट कानून की वैधता के मसले को आगे विचार के लिए बड़ी बेंच को भेजता है तो कोर्ट अभी कानून के अमल पर रोक लगा दे. जान लें कि 1962 में केदारनाथ सिंह बनाम बिहार सरकार मामले में 5 जजों की संविधानपीठ ने कानून की वैधता को बरकरार रखा था. याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट केदारनाथ सिंह फैसले पर पुर्नविचार की जरूरत समझते हुए इसे 5 या उससे ज्यादा जजों की बेंच को भेजता है तो कोर्ट को इस कानून के अमल पर रोक लगा देनी चाहिए. अभी तीन जजों की बेंच राजद्रोह कानून की वैधता पर सुनवाई कर रही है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp