Lagatar Desk
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरु हुए आंदोलन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के इंतज़ाम किये हैं, 10 अक्टूबर को दिल्ली में जो कुछ हुआ, उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर अलग-अलग याचिकाओं पर रविवार को विशेष सुनवाई हुई. जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, डीएमआरसी के चेयरमैन को नोटिस जारी किया. आदेश के अनुपालन व हिरासत में लिये गये लोगों के बारे में रिपोर्ट मांगी. 13 अक्टूबर को भी मामले की सुनवाई होगी.
अदालत की दो टूक
मेट्रो व रेल सेवाओं को सामान्य करें.- बैरिकेड्स को हटायें, कानून-व्यवस्था व ट्रैफिक की समस्या होने पर ही लगायें.
- इंटरनेट सेवाएं बाधित न हो.
- शहार में लोगों को स्वतंत्र आवाजाही को रोका नहीं जाये.
- शांतिपूर्ण व निहत्थे लोगों को कहीं से भी हिरासत में नहीं लिया जाये.
- बीएनएसएस की धारा 163 वाले स्थान से भी हिरासत में लेते वक्त कानूनी प्रक्रिया का पालन हो.
- सुप्रीम कोर्ट या किसी दूसरी अदालत में लोगों को आने में दिक्कतों ना हो.
- वकील या किसी प्रोफ़ेशनल को काम पर जाने या करने से न रोका जाये.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकीलों कपिल सिब्बल, मेनका गुरूस्वामी की तरफ़ से अदालत को बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने लोगों को अवैध तरीके से हिरासत में लिया. शांति पूर्व विरोध प्रदर्शन करने वालों को परेशान किया गया. मेट्रो बंद कर दिया गया. ट्रेनें कैंसल कर दी गईं. इंटरनेट बंद कर दिया गया. पुलिस ने ज्यादाती की. दुकानें बंद करा दी. अदालत में सोलिसिटर जेनरल तुषार मेहता की तरफ़ से बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज़ से कदम उठाये हैं. मेट्रो, ट्रेन व इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया गया है.
अदालत ने स्पष्ट कहा कि दस अक्टूबर की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाएगा. लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा की जायेगी. शांतिपूर्वक व निहत्थे विरोध प्रदर्शन का अधिकार सबको है.
उल्लेखनीय है कि सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने जो सुरक्षा इंतजाम किये थे, वह अब भी है. अर्द्धसैनिक बलों के 23 हजार जवानों की तैनाती की गई है. इसके अलावा दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार जवान भी तैनात किये गये हैं. जंतर-मंतर और उसके आसपास 8-10 किमी के रेडियस में हर गली, चौक-चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात किये गये हैं. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर पुलिस तैनात है. पीजी हॉस्टल, गेस्ट हाउस, पार्टियों के कार्यालयों, धार्मिक स्थलों तक पर नजर रखी जा रही है. जो भी कहीं दिख रहा है, उसे तुरंत हिरासत में ले लिया जा रहा है.
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