Kolkata : पश्चिम बंगाल में भाजपा की सुवेंदु सरकार के सत्तारूढ़ होते ही बांग्लादेश सीमा पर कई जगहों पर अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के बड़े समूहों के जमा होने की खबरें आने लगी है.
People have once again gathered at the Hakimpur border area in North 24 Parganas, to return to Bangladesh.
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) May 26, 2026
Similar scenes were witnessed when the SIR process began. Now, after the opening of holding centres and the tough stance taken by the BJP government against illegal… pic.twitter.com/NLyDMtsMoD
उत्तरी 24 परगना के बशीरहाट सब-डिवीजन में स्थित हकीमपुर चेकपॉइंट पर आज मंगलवार सुबह सौ से ज्यादा बांग्लादेशी पुरुष और महिलाएं जमा हुए. कहा जा रहा है कि ये सभी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर वापस अपने देश लौटना चाहते हैं.
खबरों के अनुसार इनमें से कई लोग पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में अवैध रूप से रह रहे थे. दरअसल सुवेंदु सरकार की विदेशी नागरिकों को पहचानो, हटाओ और वापस भेजो वाली नीति के तहत उनके लिए होल्डिंग सेंटर बनाने के संबंध में सरकार की हालिया घोषणाओं के बाद वे घबरा कर सीमा पर पहुंचे.
सीमा पर बांग्लादेशियों की यह भीड़ सीएम सुवेंदु अधिकारी के उस घोषणा के चंद दिनों बाद देखने को मिली, जिसमें कहा गया था कि राज्य घुसपैठियों के खिलाफ 'डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट' की पॉलिसी लागू करेगा.
याद करें कि बीएसएफ के सीनियर अधिकारियों के साथ हाल ही में आयोजित एक मीटिंग में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि जो लोग नागरिकता (संशोधन) अधिनियम(CAA) के दायरे से बाहर हैं, उन्हें अवैध घुसपैठिया करार दिया जायेगा. उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर कोर्ट न ले जाकर बीएसएफ को सौंप देगी.
अलावा पश्चिम बंगाल में सरकार ने जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाने की पहल शुरू कर दी है. बता दें कि मालदा पहला जिला गया है, जहां इस तरह के होल्डिंग सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है. इंग्लिश बाजार शहर के चंदन पार्क में स्थित जिले का एकमात्र होल्डिंग सेंटर है.
नौ संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा जा चुका है, जिनमें तीन महिलाएं और छह नाबालिग शामिल हैं. इस केंद्र 24 घंटे निगरानी और रखरखाव के लिए CCTV सर्विलांस के साथ-साथ 12 पुलिसकर्मियों, सिविल डिफेंस स्टाफ, नागरिक स्वयंसेवकों और सहायक कर्मचारियों को तैनात किया गया है.
जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल का घुसपैठरोधी अभियान अब परिणाम में बदलता दिख रहा है, आने वाले दिनों में और भी लोगों को हिरासत में लिए जाने, उनकी पहचान की जांच और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रियाएं शुरू होने की संभावना बलवती है.
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