Latehar : शहर के भोला शरण डीएवी पब्लिक स्कूल में रविवार को स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती मनाई गई. प्रभारी प्राचार्य प्रभात रंजन ने महर्षि दयानंद की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण किया. इसके बाद हवन अनुष्ठान किया गया. प्राचार्य ने कहा कि स्वामी दयानंद आधुनिक भारत के चिंतक व आर्य समाज के संस्थापक थे. उन्होंने स्वामी जी के जीवन से छात्र व छात्राओं को अवगत कराया. बताया कि वेदों के प्रचार के लिए मुंबई में आर्य समाज की स्थापना की थी. ``वेदों की ओर लौटो यह उनका ही प्रमुख नारा था. उन्होंने कर्म सिद्धांत, पुनर्जन्म तथा संन्यास को अपने दर्शन का स्तम्भ बनाया. उन्होंने ही सबसे पहले 1876 में ``स्वराज्य`` का नारा दिया. बाद में लोकमान्य तिलक ने इसे आगे बढ़ाया. महर्षि दयानद ने तत्कालीन समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों तथा अंधविश्वासों व पाखंडों का विरोध किया था. मौके पर वरीय शिक्षक अरुण कुमार पांडेय, राकेश रंजन तिवारी, रवि प्रकाश तिवारी, सुशील दुबे, शकुंतला पाल व बसंत कुमार समेत कई छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं. दयानंद सरस्वती में देशभक्ति की भावना प्रबल थी. वह 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले अग्रिम पंक्ति के लोगों में शामिल थे. इसे भी पढ़ें : ‘लिफाफा’">https://lagatar.in/governor-ramesh-bais-left-without-opening-secret-of-lifafa/">‘लिफाफा’
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बीएस डीएवी पब्लिक स्कूल में मनाई गई स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती

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