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अपनी पहचान खोता जा रहा है टैगोर हिल स्थित डॉ रामदयाल मुंडा अखरा

Ranchi : मोरहाबादी के टैगोर हिल स्थित डॉ रामदयाल मुंडा अखरा बदहाल स्थिति में है. इस अखरा में किसी प्रकार की सुविधा नहीं है. न तो यहां शौचालय की व्यवस्था है.न ही पेयजल की सुविधा. गर्मी, बरसात से बचने के लिए छत तो बनायी गयी है, लेकिन बरसात में छत से पानी टपकता है. अखरा के संरक्षक अमित मुंडा ने कहा कि डॉ रामदयाल मुंडा ने झारखंड की कला संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलायी.        झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-news/">झारखंड

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डॉ रामदयाल मुंडा ने ओपन थिएटर बनाने का सपना देखा था

यहां उन्होंने ओपन थिएटर बनाने का सपना देखा था. जिससे कि टैगोर हिल के आसपास बैठे लोग दूर से भी कार्यक्रम को देख पायें, पर यह परिकल्पना महज रामदयाल मुंडा की कल्पना बनकर ही रह गयी. श्री मुंडा अखरा संस्कृति को बचाने के लिए पुरजोर वकालत करते थे. जान लें कि अखरा स्थल पर खुले आसमान में पद्मश्री डॉ रामदयाल मुंडा की प्रतिमा स्थापित है. ठीक इसके नीचे, ढोल,नगाड़ा और मांदर के थाप पर नाचती नृत्य मंडली की प्रतिमा लगायी गयी है. प्रतिमाओं पर काले रंग से पैंट किया गया है.

अखरा के सौंदर्यीकरण की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है

अमित मुंडा ने कहा कि दुर्भाग्य है कि आज तक इस पर किसी मंत्री या विधायक की नजर नहीं पड़ी. कहा कि राज्य में सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन इस अखरा के सौंदर्यीकरण की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है. अखरा स्थल पर यदि ओपन थिएटर बनाया जाता तो झारखंड सांस्कृतिक कलाकार यहां अपनी कला का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा निखारने का काम कर सकते थे. पर रामदयाल मुंडा का यह सपना कब पूरा होगा, पता नहीं [wpse_comments_template]

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