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महिब्बुला अंसारी ने 18 डिसमिल भूमि की रजिस्ट्री करवायी
दरअसल कांके क्षेत्र के हुजीर मौजा में 12 जून 2021 को महिब्बुला अंसारी ने 18 डिसमिल भूमि की रजिस्ट्री करवायी. रजिस्ट्री के कुछ दिनों बाद उन्हें यह जानकारी मिली कि लगभग 30 लाख रूपये से ज्यादा की राशि खर्च कर उन्होंने जिस मंजू देवी नामक महिला से भूमि को खरीदा है. उसका उस भूमि से कोई लेना देना ही नहीं है. यह जानकर महिब्बुला अंसारी के होश उड़ गये. जिसके बाद उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित जानकारी देते हुए कांके थाना में जमीन की रजिस्ट्री का कार्य करवाने वाले दस्तावेज लेखक दीपक साहू के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करवायी है. जानकारी के मुताबिक जांच के क्रम में यह तथ्य सामने आये हैं कि दीपक साहू और मंजू देवी (जिन्होंने रजिस्ट्री की) के ऊपर लगे आरोप सत्य हैं. जिसके बाद जामीन की नकली मालिक मंजू देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जबकि दस्तावेज लेखक दीपक साहू के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है. लेकिन पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पायी है. इसे भी पढ़ें - सौरव">https://lagatar.in/amit-shah-has-dinner-at-sourav-gangulys-house-discussion-started-in-political-circles-on-dinner-diplomacy/">सौरवगांगुली के घर डिनर किया अमित शाह ने, राजनीतिक गलियारों में डिनर डिप्लोमेसी पर चर्चा शुरू
कार्यालय स्तर से भी इस मामले की जांच की जायेगी
इस पूरे फ़र्ज़ीवाड़े को अंजाम देने में दीपक साहू की भूमिका सबसे अहम बतायी जा रही है. आरोपों के मुताबिक दीपक साहू और मंजू देवी की मिलीभगत से जमीन की रजिस्ट्री हुई है. दीपक साहू को इस बात कि जानकारी थी कि जिस भूमि की रजिस्ट्री का कार्य वह करवा रहा है उसकी असली मालिक वो मंजू देवी नहीं है जिसने रजिस्ट्री की. इस पूरे मामले पर जब हमने रांची जिला अवर निबंधक वैभव मणि त्रिपाठी से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि कार्यालय स्तर से भी इस मामले की जांच की जायेगी, दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा भी की जाएगी. इसे भी पढ़ें - आखिर">https://lagatar.in/after-all-who-is-tejendra-bagga-which-has-become-a-battle-for-the-nose-of-the-governments/">आखिरतेजेन्द्र बग्गा है कौन, जो सरकारों की नाक की लड़ाई बन गया! [wpse_comments_template]

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