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सेव बेतला सेव पलामू मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सूर्य सिंह ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म किया लांच

Ranchi : सूर्य सिंह ने रांची में "बेतला-जादू का जंगल" शीर्षक के साथ डॉक्यूमेंट्री फिल्म लांच की है. सेव बेतला सेव पलामू मुहिम को आगे बढ़ाते हुए एनसीपी के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता सूर्य सिंह जागरूकता के उद्देश्य से यह डॉक्यूमेंट्री बनाई है. सूर्य सिंह ने कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व देश के पहले 9 टाइगर रिजर्व में से एक है. देश में बाघों की गणना पहली बार ब्रिटिश हुकूमत ने वर्ष 1932 में पलामू में ही कराई थी. मौके पर पर्यावरणविद सुमंतु घोष, कुमार आशीष, फिल्म मेकर कपिल शर्मा और पूर्व मंत्री व हुसैनाबाद के विधायक कमलेश कुमार सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/whatsapp-image-2023_03_02-at-5.29.38-pm_165.jpg"

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पलामू टाइगर रिजर्व : 2004 में बाघों की संख्या 35 थी, अब नगण्य है 

जानकारी के अनुसार, उस समय बाघों की संख्या सैकड़ों में पाई गई थी. कालांतर में बाघों की संख्या में निरंतर ह्रास होता जा रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2004 में बाघों की संख्या 35 थी, जो अब नगण्य है. विशेषज्ञों के अनुसार बाघों की संख्या में कमी के कई कारण हैं. परंतु सबसे बड़ा कारण पलामू टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से रेलवे लाइन का गुजरना माना जा रहा है. वर्तमान समय में इस रेलवे ट्रैक से औसतन 100 से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रतिदिन होता है. जिससे आए दिन वन्यजीव दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं. पलामू टाइगर रिजर्व कोर एरिया से बाहर रेल लाइन स्थानांतरित कराने के लिए रेल मंत्री को दो बार पत्र लिखा और व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की है. रेलवे ने पीटीआर कोर एरिया से रेल लाइन को अलग करने का आश्वासन भी दिया है. राजमार्ग पलामू टाइगर रिजर्व से होकर गुजरती थी, जिसे पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कोर एरिया से 14 किलोमीटर दूर में मार्ग हस्तांतरित करने का प्रस्ताव दिया था. पलामू टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से गुजरने वाली दोहरी रेलवे लाइन व प्रस्तावित तीसरी रेलवे लाइन को कोर एरिया के बाहर से गुजारने के लिए रेलवे ने भी प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि झारखंड के गौरव एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान बेतला नेशनल पार्क के साथ-साथ पलामू टाइगर रिजर्व की खोई हुई पहचान को वापस दिलाया जा सके व वन्यजीवों को दुर्घटना से बचाया जा सके.

बेतला नेशनल पार्क का संवर्धन जरूरी

सूर्य सिंह ने कहा कि झारखंड प्रदेश का गौरव राष्ट्रीय उद्यान बेतला नेशनल पार्क है, जो पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है. इसे संरक्षित कर संवर्धन करने की आवश्यकता है. इससे पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. साथ-साथ वन्यजीवों को सुरक्षित आश्रयणी प्राप्त हो सकेगी. सूर्य सिंह ने बताया कि वह बेतला नेशनल पार्क व पीटीआर पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बना चुके हैं. इसके माध्यम से वह लोगों को जागरूक करना चाहते हैं. उन्होंने पलामू प्रमंडल समेत संपूर्ण झारखंड के बुद्धिजीवियों, वन पर्यावरण प्रेमियों व वन जीव प्रेमियों से सहयोग की अपील की है. इसे भी पढ़ें – आइएमए">https://lagatar.in/the-sp-spoke-to-the-members-of-ima-and-jhasa-said-call-them-fearlessly-in-case-of-any-problem/">आइएमए

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