Lohardaga : लोहरदगा की समाजसेविका सुनिता उरांव ने आदिवासी दिवस के मौके पर कहा कि आदिवासी समाज को मुख्यधारा में जोड़े बिना सामाजिक विकास की बात करना कोरी कल्पना है. कहा कि भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में आदिवासी दिवस काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. लेकिन यह चिंता का विषय है कि यहां आदिवासियों की हालत दोयम दर्जे की क्यों है. आज भी आदिवासी समाज देश की मुख्यधारा से बाहर क्यों है. सुनिता उरांव ने जोर देते हुए कहा कि जब-तक आदिवासी समुदाय को मुख्यधारा में नहीं लाया जाता, तब-तक इस दिवस और देश का विकास कोई मायने नहीं रखता. सुनिता उरांव ने कहा कि देश का विकास आदिवासी समुदाय के विकास के बिना संभव नहीं है.
आदिवासी समाज को मुख्यधारा में जोड़े बिना सामाजिक विकास की बात कोरी कल्पना : सुनिता उरांव
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