Tantnagar (Ganesh Bari) : तांतनगर प्रखंड अतंर्गत गितिल आदेर में बच्चों को दिये जाने वाला मध्याह्न भोजन खाने से 280 मुर्गा-मुर्गी की मौत हो गई. अचानक इतनी ज्यादा संख्या में मुर्गा-मुर्गी मरने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय गितिल आदेर में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन बच्चों को मिली थी. कुछ बच्चे बचा हुआ खाना घर लेकर गए और गांव के चांदनी सामड घर के मुर्गा-मुर्गियों को खिला दिया. मुर्गा-मुर्गी उक्त खाना खाने के तीन-चार घंटे बाद एक एक मरने लगे. देखते ही देखते चांदनी का आंगन मरे मुर्गे-मुर्गियों से पट गया. इसे भी पढ़ें : अभिजीत">https://lagatar.in/thieves-run-rampant-in-abhijeet-groups-power-plant-60-thieves-are-entering-every-day-if-stopped-they-are-beaten-up/">अभिजीत
ग्रुप के पॉवर प्लांट में चोर बेलगाम, 60 चोर घुस रहे हर दिन, रोका तो कर दी पिटाई पूर्व प्रखंड प्रमुख सुनील कुमार सामड ने बताया कि स्कूली बच्चों को मध्याह्न में मिले भोजन बचा कर घर ले आए. घर में मुर्गा-मुर्गियों को खिला दिया. उक्त भोजन खाने के तीन-चार घंटे बाद एक-एक कर 280 मुर्गा-मुर्गी मर गये. मरे मुर्गा-मुर्गी का पोस्टमार्टम होना चाहिए. वहीं जिन बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाया था उन्हें कुछ नहीं हुआ. मरे मुर्गा-मुर्गियां पशुपालन विभाग से चांदनी सामड को मिली थी. इधर तांतनगर परियोजना के कार्यक्रम पदाधिकारी काली प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कहीं भोजन में जहर तो नहीं मिलाया गया था. उक्त खाने से बच्चों को कुछ नहीं हुआ और मुर्गा मरने लगे समझ से परे है. मरे मुर्गों का पोस्टमार्टम होना चाहिए. [wpse_comments_template]
ग्रुप के पॉवर प्लांट में चोर बेलगाम, 60 चोर घुस रहे हर दिन, रोका तो कर दी पिटाई पूर्व प्रखंड प्रमुख सुनील कुमार सामड ने बताया कि स्कूली बच्चों को मध्याह्न में मिले भोजन बचा कर घर ले आए. घर में मुर्गा-मुर्गियों को खिला दिया. उक्त भोजन खाने के तीन-चार घंटे बाद एक-एक कर 280 मुर्गा-मुर्गी मर गये. मरे मुर्गा-मुर्गी का पोस्टमार्टम होना चाहिए. वहीं जिन बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाया था उन्हें कुछ नहीं हुआ. मरे मुर्गा-मुर्गियां पशुपालन विभाग से चांदनी सामड को मिली थी. इधर तांतनगर परियोजना के कार्यक्रम पदाधिकारी काली प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कहीं भोजन में जहर तो नहीं मिलाया गया था. उक्त खाने से बच्चों को कुछ नहीं हुआ और मुर्गा मरने लगे समझ से परे है. मरे मुर्गों का पोस्टमार्टम होना चाहिए. [wpse_comments_template]
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