Tantnagar (Ganesh Bari) : मंझारी थाना अतंर्गत तोरलो में ग्राम रक्षा दल व ग्रामीणों के साथ वर्चस्व की लड़ाई में भरभरिया के चार लोगों की हत्या कर दी गई थी. उनकी याद में प्रत्येक वर्ष सात अप्रैल को भरभरिया चौक पर शहीद दिवस मनाया जाता है. इनकी याद में विधायक निरल पूर्ति के सहयोग से शहीद बेदी बनाई गई है. वर्ष 1980-90 के दशक के दौरान कोल्हान के पश्चिमी सिंहभूम जिला के मंझारी थाना क्षेत्र में ग्राम रक्षा दल संगठन का खासा प्रभाव हुआ करता था. यह संगठन चोर काटो अभियान के नाम से काफी विख्यात था. संगठन से जोड़कर लोगों को बदमाशों से मुक्ति दिलाना उद्देश्य था. संगठन का नेतृत्व बामाचरण कुंकल, सोनाराम सिरका, जुरिया गागराई कर रहे थे. उस समय क्षेत्र में संगठन के नाम से खौफ का माहौल था. संगठन की नजर में भरभरिया गांव बदमाशों की शरण स्थली माना जाता था. इससे भरभरिया गांव के लोगों तथा ग्राम रक्षा दल संगठन के बीच हमेशा वर्चस्व की लड़ाई होती रहती थी. एक दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के रूप मानने थे. वर्ष 1984 में मंझारी प्रखंड क्षेत्र में करोड़ों रुपये से तोरलो डैम निर्माण का कार्य चल रहा थी. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-investigation-team-reached-co-operative-college-two-sides-of-student-leaders-kicked-and-punched/">जमशेदपुर
: को-ऑपरेटिव कॉलेज पहुंची जांच टीम, छात्र नेताओं के दो पक्षों में चले लात-घूंसे सात अप्रैल 1984 में डैम निर्माण स्थल में दुकान लगाने के लिए भरभरिया के राधा गोपाल कृष्ण बिरूवा, परगना बिरूवा, कृष्णा चंद्र बिरूवा, मोतीलाल बारिक तोरलो गये थे. ग्राम रक्षा दल को भरभरिया के कुछ लोगों के डैम निर्माण स्थल आने की भनक लगी. संगठन के लोग तोरलो को चारों तरफ से घेर कर चारों को पकड़ लिया. चारों को पेड़ में बांध कर काफी निर्ममता पूर्वक हत्या कर शव को जंगल में पेंक दिया गया था. पुलिस को सूचना मिलने पर किसी तरह जंगल से चारों शव को बरामद करवाकर परिजनों को सौंप दिया. इस तरह भरभरिया के राधा गोपाल कृष्ण बिरूवा, परगना बिरूवा, कृष्णा चंद्र बिरूवा, मोतीलाल बारिक को निर्ममतापूर्वक मौत के घाट उतार दिया गया. [wpse_comments_template]
: को-ऑपरेटिव कॉलेज पहुंची जांच टीम, छात्र नेताओं के दो पक्षों में चले लात-घूंसे सात अप्रैल 1984 में डैम निर्माण स्थल में दुकान लगाने के लिए भरभरिया के राधा गोपाल कृष्ण बिरूवा, परगना बिरूवा, कृष्णा चंद्र बिरूवा, मोतीलाल बारिक तोरलो गये थे. ग्राम रक्षा दल को भरभरिया के कुछ लोगों के डैम निर्माण स्थल आने की भनक लगी. संगठन के लोग तोरलो को चारों तरफ से घेर कर चारों को पकड़ लिया. चारों को पेड़ में बांध कर काफी निर्ममता पूर्वक हत्या कर शव को जंगल में पेंक दिया गया था. पुलिस को सूचना मिलने पर किसी तरह जंगल से चारों शव को बरामद करवाकर परिजनों को सौंप दिया. इस तरह भरभरिया के राधा गोपाल कृष्ण बिरूवा, परगना बिरूवा, कृष्णा चंद्र बिरूवा, मोतीलाल बारिक को निर्ममतापूर्वक मौत के घाट उतार दिया गया. [wpse_comments_template]
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