: श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिये 18 लोगों का जत्था हुआ रवाना सरकार तो गरीबों के लिए कई योजनाएं चला रही है लेकिन सरकारी कर्मचारियों कि नजर ऐसे गरीबों पर नहीं पड़ती है. यही वजह है जो मधुई के पास आज न तो राशन कार्ड है और न ही कोई सरकारी सुविधाएं ही उसे मिली है. मधुई को सरकारी राशन भी नसीब नहीं होता है. मधुई के पति बाड़ा सामड की पिछले माह मई में आकस्मिक निधन हो गया था. उसके बाद से मधुई के परिवार कि स्थिति दयनीय हो गई. मधुई सामड के छह छोटे-छोटे बच्चे है. इनमें रीना सामड 7 वर्ष, सोंगा सामड 5 वर्ष, तुड़सी सामड 3 वर्ष, संजना सामड 2 वर्ष, सीता सामड व गीता सामड तीन माह के जुड़वा बच्चें शामिल है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-house-taken-on-rent-in-the-name-of-running-school-not-paying-rent-for-two-years-complaint-to-dc/">जमशेदपुर
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जनप्रतिनिधियों ने मदद को बढ़ाये हाथ
सोमवार को तांतनगर प्रखंड के जिला परिषद प्रत्याशी रहे अमर सिंह भूमिज सहित आदिवासी दलित पिछड़े संघ के सदस्य शंकर सावैंया मधुई से मिले और आर्थिक स्थिति की जानकारी ली. मधुई को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया. मधुई से मिलने वालों में प्रेम प्रकाश बिरूवा, रामेश कारोवा, जेक्शन बिरूली शामिल थे. इस मामले में तांतनगर के प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सिबेन्दू प्रकाश झा ने बताया कि मधुई सामड कि स्थिति की जानकारी उन्हें नहीं है. इसकी जानकारी लेकर तत्काल कार्रवाई की जायेगी.
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