: दुर्गा पूजा से पूर्व सितंबर माह का वेतन भुगतान करें सरकार – गांगुली
इसी तरह खनन होता रहा तो गांवों में बालू की जरूरत भी पूरी नहीं होगी: ग्रामीण
ग्रामीणों ने कहा कि नदी से इसी तरह बालू खनन होता रहा तो आने वाले समय में गांवों में बालू की जरूरत भी पूरी नहीं होगी. इसलिए वे चाहते हैं कि इस समय नदी से बालू खनन बिल्कुल नहीं होना चाहिए. इस समय एनजीटी की रोक भी लागू है, बालू खनन करना सरासर गलत है. बैठक में मंगल सिंह जोकों, धर्मेंद्र कुम्हार, मानकी राय कालुंडिया, सुभाष कालुंडिया, मिरन कालुंडिया, मांगीलाल कालुंडिया, मंगल सिंह कालुंडिया आदि मौजूद थे.बालू के लिये जिला में विख्यात है इलिगाड़ा क्षेत्र
गौरतलब है कि तांतनगर अचंल क्षेत्र के खरकई नदी किनारे स्थित इलिगाड़ा क्षेत्र बालू के लिये जिला में विख्यात है. हमेशा बालू माफिया इस क्षेत्र को टारगेट करते हैं. इस सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासन की आवाजाही कम होती है. इसका लाभ उठाकर ट्रैक्टरों के जरिये बालू रात के अंधेरे में रंगो, कुर्सी, तोलगोय, सिकुरसाई होकर चाईबासा पहुंचाया जाता है. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-together-we-can-solve-problems-salkhan/">जमशेदपुर: एकजुट होकर कर सकते हैं समस्याओं का समाधान : सालखन [wpse_comments_template]
















































































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