अनिता ने विद्यार्थियों की एक टीम तैयार की
उन्होंने अपने विद्यालय को सेक्रेड हर्ट जैसा बनाने की दृढ़ इच्छा पाल रखी थी. उन्होंने विद्यार्थियों की एक टीम तैयार की. उनको इंग्लिश प्रेयर, इंट्रोडक्शन, ग्रुप सांग, एकल गान, कन्वर्सेशन, पेंटिंग इत्यादि सिखाया. उनसे सहयोग लेकर निचले क्लास के बच्चों को पढ़ाने में मदद ली. क्योंकि विद्यालय में उनके अलावे केवल 2 पारा शिक्षक महावीर सिंह, नितू कुमारी और 1 सहायक शिक्षिका तपेशवरी कुमारी हैं. उन्होंने स्कूल में फूल, पौधों का जाल बिछाया. नल, बिजली, शौचालय, पुस्तकालय, को विकसित किया. विकलांग बच्चों के लिए अलग शौचालय, बच्चियों के लिए भष्मीकरन जैसे नवीन प्रयोग किये. उनकी इच्छा प्रसिद्धि की नहीं थी. उस विद्यालय में जायेंगे तो आपको रंग, बिरंगे सैकड़ों किस्म के फूल पौधे देखकर आपको ऐसा एहसास होगा जैसे कि आप रॉक गार्डन में आ गए हैं. यह विद्यालय लोगों के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है. लोग सोचने पर विवश हो जाते हैं कि आखिर उन्होंने इतने सीमित निधि, कम संसाधन से ऐसे काम कैसे किये? पर उनके इरादे बुलंद हैं. पिछले दिनों भारत सरकार के नीति आयोग ने उन तस्वीरों को अपने ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया. जिसे पीएम मोदी, पीएमओ एचआरडी, झारखंड सीएमओ जैसे राष्ट्रीय नेता और संस्थाओं ने लाइक किया था. पीएमओ के ट्वीट के बाद पलामू सांसद बीडी राम 7 जनवरी 2019 को कई पदाधिकारियों संग विद्यालय पहुंचे और प्रधानाध्यापक अनिता भेंगरा तथा विद्यालय के पूरी टीम की भूरी-भूरी प्रशंसा की थी. इसे भी पढ़ें - महिला">https://lagatar.in/if-police-failed-to-solve-doctors-murder-case-then-investigation-was-handed-over-to-cbi-mamata/">महिलाडॉक्टर की हत्या का मामला सुलझाने में पुलिस विफल रही, तो जांच सीबीआई के हवाले : ममता [wpse_comments_template]
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