Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

हजारीबाग में पारा 37 डिग्री, बेहोश हो रहे स्कूली बच्चे

Amarnath Pathak Hazaribagh : हजारीबाग में लगातार गर्मी और धूप की तपिश बढ़ती जा रही है. अब तो गर्म हवा भी चलने लगी है. हजारीबाग का तापमान 37 डिग्री तक जा पहुंचा है. ऐसे में सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है. दरअसल आठवीं और नौवीं कक्षा के बच्चों की परीक्षा भी चल रही है. हालांकि गुरुवार को परीक्षा खत्म हो गई है. लेकिन अंतिम दिन केरेडारी के कराली परीक्षा केंद्र पर बेलतू की आठवीं कक्षा की एक छात्रा प्रज्ञा कुमारी बेहोश होकर गिर गई. उसका इलाज शिक्षकों ने कराया. इधर शिक्षा सिचव के आदेश से बच्चे हलकान हैं और अभिभावक परेशान. गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शिक्षा सचिव के आदेश में संशोधन की मांग उठने लगी है. दरअसल स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता के सचिव के. रवि कुमार ने एक आदेश पत्र निकाला है, जिसमें यह कहा गया है कि सभी कोटि के सरकारी विद्यालयों में अंतिम पीरियड में खेल-कूद कराएं. अभी मॉर्निंग स्कूल है और अपराह्न एक बजे से दो बजे तक खेलकूद की घंटी कर दी गई है. शिक्षा सचिव के आदेश के अनुसार बच्चों को खेलकूद में लगाए जाने से चिलचिलाती धूप में बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. ऐसे में अभिभावकों की ओर से शिक्षा सचिव के आदेश में संशोधन के स्वर मुखर होने लगे हैं. इसे भी पढ़ें : संदिग्ध">https://lagatar.in/businessmans-body-found-in-suspicious-condition-from-hotel-bathroom/">संदिग्ध

हालत में होटल के बाथरूम से मिला व्यवसायी का शव

‘पहले बच्चों की सेहत, फिर पढ़ाई व खेलकूद’ 

हजारीबाग शिवदयालनगर के अभिभावक गजेंद्र दास गुरु का कहना है कि प्रचंड धूप देखते हुए बच्चों की छुट्टी 10 बजे तक कर देनी चाहिए. ओकनी के गौतम कुमार कहते हैं जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को पहल करते हुए इस पर तुरंत संज्ञान लेने की जरूरत है. बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित कर उन्हें पढ़ाना कहां तक उचित है. उनकी सेहत का ख्याल भी विभाग को करना होगा.

सेवानिवृत्त शिक्षक ने दी सलाह, प्रशासन को पहल करने की वकालत

सेवानिवृत्त शिक्षक नंदकिशोर तिवारी कहते हैं कि पहले मॉर्निंग स्कूल में 11 बजे तक छुट्टी हो जाती थी. भले ही स्कूल 6:30 बजे सुबह से हो, लेकिन बच्चों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए. गर्मी का जो हाल है, ऐसे में पूर्वाह्न 10 बजे तक छुट्टी हो जानी चाहिए. इसमें डीसी और शिक्षा पदाधिकारियों को पहल करते हुए शिक्षा सचिव को हजारीबाग की वस्तुस्थिति बताते हुए स्कूल की अवधि कम कराने के लिए आग्रह पत्र भेजना चाहिए. सेहत ठीक रहेगी, तभी बच्चे पढ़ पाएंगे. निजी स्कूल प्रबंधन को भी इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है. कई निजी स्कूल तो मॉर्निंग भी नहीं हुए हैं और उन स्कूलों के बच्चे अपराह्न दो से 3:30 बजे तक क्लास कर रहे हैं.

शिक्षा सचिव के आदेश से बंधे हुए हैं : डीईओ

[caption id="attachment_607451" align="alignleft" width="150"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/deo-upendra-narayan-13_779-1-150x150.jpg"

alt="डीईओ उपेंद्र नारायण " width="150" height="150" /> डीईओ उपेंद्र नारायण[/caption] हजारीबाग के डीईओ उपेंद्र नारायण ने कहा कि शिक्षा सचिव के आदेश से बंधे हुए हैं. राज्य से जैसा आदेश आएगा, उन्हें वही काम करना है. ऐसे में वह तब तक कुछ नहीं कर सकते, जब तक कि वहां से कुछ आदेश नहीं आ जाए. इसे भी पढ़ें : ED">https://lagatar.in/ed-raid-seal-paper-of-kanke-zone-and-fake-seal-calcutta-registrar-office-recovered-officer-khans-hideout/">ED

रेड : अफसर खान के ठिकाने से कांके अंचल का मुहर पेपर व कलकत्ता रजिस्ट्रार ऑफिस का फर्जी सील बरामद
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही