Ranchi: राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के पास अपना एमआरआई मशीन नहीं है. पिछले कई सालों से एमआरआई मशीन लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया. लेकिन मशीन का सप्लायर नहीं मिला. इस कारण रिम्स में भर्ती होने वाले मरीजों को एमआरआई कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि सरकार ने मरीजों की सुविधा के लिए पीपीपी मोड पर एमआरआई मशीन की व्यवस्था की है. इसके तहत कम दर पर मरीजों का एमआरआई निजी कंपनी हेल्थ मैप करती है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में 12,388 मरीजों का एमआरआई किया गया. जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जुलाई माह तक 4284 मरीजों का एमआरआई किया गया. जानकारी के मुताबिक, 10 बार टेंडर होने और सप्लायर नहीं मिलने या एक ही सप्लायर का टेंडर में हिस्सा लेने की वजह से एमआरआई मशीन की खरीद नहीं की जा सकी है. इसलिए पिछले माह हुई रिम्स शासी परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि अगर टेंडर में एक ही कंपनी भाग लेती है तो उससे ही मशीन खरीदी जायेगी. मशीन खरीद का ऑर्डर देने से पहले अन्य बड़े अस्पतालों में एमआरआई मशीन की खरीद मूल्य की जानकारी लेनी होगी. इस फैसले के बाद उम्मीद है कि आने वाले समय में रिम्स के पास अपना एमआरआई मशीन होगा और मरीजों को सरकारी दर पर एमआरआई किया जा सकेगा. इसे भी पढ़ें -गुजरात">https://lagatar.in/rain-wreaks-havoc-in-gujarat-26-deaths-water-up-to-12-feet-on-the-road-traffic-halted/">गुजरात
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रिम्स में 10 बार टेंडर हुआ, फिर भी नहीं लगा एमआरआई मशीन
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