LagatarDesk : इजराइल ने हाल ही में अपने दो बड़े दुश्मनों का खात्मा किया था. 31 जुलाई को एक तरफ इजरायल ने जहां ईरान की राजधानी तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया को मार गिराया था. वहीं दूसरी तरफ बेरूत पर हमला कर हिज्बुल्लाह कमांडर हज मोहसिन उर्फ फुआद शुकर को भी ढेर कर दिया था. इजराइल के इस एक्शन के बाद उसके और हमास के बीच तनाव बढ़ रहा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने इजराइल की हिफाजल के लिए पश्चिम एशिया में युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात करने का फैसला किया है. रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने इसको लेकर आदेश भी दिया है. वहीं व्हाइट हाउस ने बताया कि बाइडेन ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ गुरुवार को एक फोन कॉल में मिसाइलों और ड्रोन जैसे खतरों के खिलाफ इजरायल की मदद करने के लिए नये अमेरिकी रक्षात्मक सैन्य तैनाती पर चर्चा की.
बैलिस्टिक मिसाइल भेजने की दिशा में भी कदम उठा रहा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने ईरान और उसके सहयोगियों के संभावित हमलों से इजराइल की रक्षा करने और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए पश्चिम एशिया में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने का निर्णय लिया है. रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने यूरोप और पश्चिम एशिया के क्षेत्रों में अतिरिक्त बैलिस्टिक मिसाइल से लैस जहाज और विध्वंसक पोत तैनात करने का भी आदेश दिया है. इसके अलावा रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने वहां जमीन से वार करने वाली अतिरिक्त बैलिस्टिक मिसाइल भेजने की दिशा में भी कदम उठा रहे हैं. हालांकि पेंटागन ने यह नहीं बताया कि लड़ाकू विमानों का दस्ता कहां से आयेगा और इसे पश्चिम एशिया के किस हिस्से में तैनात किया जायेगा. इजरायल की लगातार मदद करता रहा है अमेरिका
मालूम हो कि अमेरिकी सेना लगातार इजराइल की मदद करता रहा है. इससे पहले 13 अप्रैल को भी जब ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों के साथ इजरायली क्षेत्र पर हमला किया था तो अमेरिका ने युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात किये थे. उस दौरान इजरायल ने अमेरिका और अन्य सहयोगियों की मदद से लगभग 300 ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया था. वहीं एक बार फिर अमेरिका इजराइल की मदद के लिए तैयार है. अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में किया है, जब अमेरिकी नेताओं ने यह चिंता जतायी है कि इजराइल के हालिया हमलों में हमास और हिजबुल्लाह के शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के कारण क्षेत्र में हिंसा बढ़ सकती है, क्योंकि दोनों उग्रवादी समूहों के अलावा ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है. ईरान के नये राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में गये थे हमास चीफ इस्माइल हानिया
बता दें कि इजरायल ने 31 जुलाई को तड़के ईरान की राजधानी तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया को मार गिराया था. दरअसल हमास चीफ इस्माइल हानिया मंगलवार को ईरान के नये राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गये थे. इस्माइल हानिया ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से भी मुलाकात की थी. इसके बाद हमास चीफ ईरान में ही एक घर में अपने बॉडीगार्ड के साथ ठहरे थे. जिसको इजरायल ने उड़ा दिया. इस हमले में इस्माइल हानिया और उसका बॉडीगार्ड मारा गया. हमास ने इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. हमास नेता मूसा अबू मरजौक ने कहा कि हानिया की मौत बेकार नहीं जायेगा. [wpse_comments_template]
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