Search

 
 
 

तेनुघाट विद्युत निगम का राज्य में होगा विलय, सालों से बिहार सरकार के साथ रहा है विवाद

 

उर्जा विभाग ने उर्जा उत्पादन निगम और तेनुघाट निगम को लिखा पत्र

Ranchi : तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड को राज्य सरकार के अधीन की जायेगी. इस संबध में उर्जा विभाग की ओर से तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड और झारखंउ उर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड को पत्र लिखा गया है. इस पत्र में लिखा गया है कि टीवीएनएल के विलय के लिये नवंबर में बैठक हुई थी. जिसमें तेनुघाट के विलय के लिये राज्य सरकार की अनुमति मांगी गयी थी. ऐसे में अब दोनों निगमों को पत्र लिख कर निदेशक मंडल से सहमति मांगी गयी है. विभाग की ओर से लिखा गया है कि निदेशक मंडल से सहमति मिलने के बाद इसे विभाग को उपलब्ध करायें.

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/05/letter-bijali.jpg"

alt="" class="wp-image-70669"/>

बिहार और झारखंड सरकार के बीच था विवाद

 बिहार से अलग राज्य बनने के बाद से दोनों राज्यों के बीच तेनुघाट को लेकर विवाद था. दोनों ही सरकारें इस पर अपना दावा ठोक रही थी. ऐसे में मामला सुप्रीम कोर्ट गया और यहां दोनों पक्षों के बीच सुलह हुई. वर्तमान में निगम के दो यूनिट है. जिससे  मेगावाट प्रति यूनिट की क्षमता से बिजली उत्पादन होता है. कुल उत्पादन क्षमता मेगावाट है. इसके विलय के बाद, पीटीपीएस और टीवीएनएल दोनों राज्य में थर्मल बिजली के स्रोत होंगे. वहीं एनटीपीसी की ओर से टंडवा में भी बिजली उत्पादन केंद्र बनाया गया है. लेकिन वो अभी शुरू नहीं हुआ है.

बिजली खरीदने के लिये समझौते की जरूरत नहीं

 दोनों कंपनियों के बीच एग्रीमेंट हो जाने पर झारखंड बिजली वितरण निगम को तेनुघाट से बिजली खरीदने के लिए समझौता नहीं करना पड़ेगा. झारखंड उर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड सभी बिजली इकाइयों की मदर विंग है. ऐसे में विलय के बाद बिजली खरीद और दर तय से मुक्ति मिलेगी. वहीं तेनुघाट में संसाधनों के विकास और पावर उत्पादन के लिये राज्य सरकार से सहयोग मिलेगा. फिलहाल राज्य सरकार की ओर से  तेनुघाट में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है.

[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही