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घटना के बाद मजदूरों में दहशत का माहौल
alt="" width="1280" height="960" /> प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार, हाथी के बच्चे गुरुवार रात को जामुन पेड़ की तरफ से माल्हन गांव के पास बनी झोपड़ी के पास आ गये. हाथियों के चिंघाड़ सुनकर बड़े हाथियों का झुंड भी वहां आ पहुंचा. और ईंट भट्ठे के पास बनी मजदूर की झोपड़ी को तोड़ दिया. साथ ही एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद सभी मजदूरों में दहशत का माहौल है. लोगों का कहना है कि जब तक सुरक्षा का कोई व्यवस्था नहीं किया जायेगा, तब तक वे वहां नहीं रहेंगे. मजदूरों ने कहा कि उनके मालिक के आने के बाद हिसाब-किताब करके वे वापस अपने घर लौट जायेंगे. इसे भी पढ़ें : कोर्ट">https://lagatar.in/medical-examination-ias-chhavi-ranjan-before-appearing-in-court-bp-sugar-pulse-normal/">कोर्ट
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वन विभाग की ओर से 60,000 की तत्काल सहायता राशि दी गयी
वन प्रमंडल पदाधिकारी रौशन कुमार ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. मजदूर देर रात सो रहे थे, इसलिए उन्हें हाथियों के झुंड के आने का पता नहीं चला और वे जानवरों के हमले का शिकार हो गये. कहा कि विभाग की ओर से तत्काल सहायता राशि के रूप में 60,000 दी गयी है. बाकी राशि सारे कागजात सबमिट करने के बाद सभी के नाम पर कुल चार-चार लाख की राशि भुगतान की जायेगी. हाथियों से बचाव के बाबत में कहा कि हमारी एक टीम लगी हुई है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-nilay-institute-chairman-bhim-munda-accused-embezzlement-4-crores/">रांची: निलय इंस्टिट्यूट के चेयरमैन भीम मुंडा पर 4 करोड़ गबन का लगा आरोप [wpse_comments_template]

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