Ranchi: बोकारो के चास प्रखंड के तेतुलिया गांव में 103 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा मामले में निचली अदालत द्वारा आरोप गठन को चुनौती देने वाली व्यवसाई पुनीत कुमार अग्रवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने पुनीत कुमार अग्रवाल को राहत देते हुए अगले आदेश तक के लिए निचली अदालत के ट्रायल पर रोक लगा दी. कोर्ट ने मामले में सरकार से जवाब मांगा है.
दरअसल मामले में सीआईडी की ओर से कांड संख्या 4/ 2025 दर्ज किया गया है. इसमें निचली अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन हो चुका है. आरोप है कि उक्त जमीन की 2012 में गलत तरीके से जमाबंदी की गई थी. जमाबंदी करने वाले तत्कालीन अंचल अधिकारी को सरकार ने बर्खास्त किया था, इस काम में सहयोगी रहे एसडीओ, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी और अमीन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं.
बताया जाता है कि सतनपुर और तेतुलिया की पहाड़ व वन भूमि बोकारो इस्पात संयत्र को सरकार द्वारा दी गई थी. लेकिन उक्त भूमि का बीएसएल ने उपयोग नहीं किया, इसके कारण खाली पड़ी है. रिवीजनल सर्वे वर्ष 1980 और 2013 में प्रकाशित हुआ था. लेकिन इन 33 वर्षों में किसी व्यक्ति ने इस जमीन पर दावा-आपत्ति नहीं किया. लेकिन वर्ष 2012 में तत्कालीन अंचल अधिकारी द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर 103 एकड़ जमीन की जमाबंदी कर दी. फर्जीवाड़ा का मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने जांच के बाद सीओ को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था.
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