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शराब घोटाले के अभियुक्त ने अपनी मौत के लिए SP व ASP को जिम्मेवार ठहराने का पत्र लिख रखा था

Ranchi : छत्तीसगढ़ शराब घोटाले का अभियुक्त अतुल कुमार सिंह ने अपनी मौत के लिए SP और ASP को जिम्मेवार ठहराने के लिए एक पत्र लिख रखा था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को छापामारी के दौरान इससे संबंधित पत्र मिला था. ईडी ने अपने छठे आरोप पत्र में अतुल कुमार सिंह और तत्कालीन मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विजय भाटिया के बीच उभरे विवाद के निपटारे में प्रशासनिक हस्तक्षेप को दर्शाने के लिए किया है.
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Ranchi : छत्तीसगढ़ शराब घोटाले का अभियुक्त अतुल कुमार सिंह ने अपनी मौत के लिए SP और ASP को जिम्मेवार ठहराने के लिए एक पत्र लिख रखा था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को छापामारी के दौरान इससे संबंधित पत्र मिला था. ईडी ने अपने छठे आरोप पत्र में अतुल कुमार सिंह और तत्कालीन मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विजय भाटिया के बीच उभरे विवाद के निपटारे में प्रशासनिक हस्तक्षेप को दर्शाने के लिए किया है.

 

पत्र के मुताबिक मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज नामक कंपनी अतुल कुमार सिंह और मुकेश मनचंदा की थी. अतुल के पास कंपनी का 23.75 प्रतिशत शेयर था. बाद में राजनीतिक दबाव की वजह से इस कंपनी का 52.5% शेयर तत्कालीन मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विजय भाटिया को बेनामी ट्रांसफर कर दिया गया. यानी इसमें विजय भाटिया के बदले रवि कावरा और भुवनेश्वर को शेयर ट्रांसफर किया गया है. 

 

इस तरह कंपनी का अघोषित मालिकाना हक विजय भाटिया के पास चला गया. मेसर्स साईं बिवरेजेज को छत्तीसगढ़ में शराब की सप्लाई के दौरान हुई वैध अवैध आमदनी के बंटवारे को लेकर विवाद पैदा हुआ. इस विवाद को निपटाने के लिए पुलिस तंत्र का इस्तेमाल किया गया. इस क्रम में अतुल कुमार सिंह को दुर्ग थाने में बुलाया गया. वहां उसे डराया धमकाया गया. साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने के नाम पर डराया भी गया. इसके बाद अतुल कुमार सिंह किसी अनहोनी के डर से एक पत्र लिख कर रखा था. छापामारी के दौरान ईडी को यही पत्र मिला. ईडी ने इसे पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश के कोर्ट में पेश किया है.

 

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अतुल कुमार सिंह का लिखा पत्र.

 

अतुल कुमार सिंह द्वारा लिखे गये पत्र में वर्णित तथ्य

अतुल कुमार ने लिखा कि वह ओम साईं बिवरेजेज में 23.75% का शेयर होल्डर है. कंपनी पूरी तरह उसकी और मुकेश मनचंदा की है. विजय भाटिया ने CM House का प्रेशर देकर 52.5% शेयर अपने डायरेक्टर भुवनेश्वर राव और रवि कावरा के नाम करा लिया.  भाटिया के कहने पर ही पैसा मिलता था. उसे अपने शेयर के अनुसार पैसा नहीं मिलता था. 

 

विजय भाटिया ने नवंबर में नोटिस भेजवाया कि वह 52.5% का शेयर होल्डर है. इस मामले में बात करने पर भाटिया के वकील ने मेल करने को कहा. अतुल ने मेल किया. इसमे भाटिया का नाम लिखा. इसके बाद क्राइम ब्रांच-3 में बुलाया गया. वहां पूछा गया कि मेल में भाटिया का नाम क्यों लिखा. उससे मेल लिखे गये भाटिया के नाम को Delete करवाया गया.

 

इसके बाद उसे सेक्टर-6 थाना के कंट्रोल रूम में बुलाया गया. वहां Addl.Sp संजय ध्रुव ने भला बुरा कहा. उसे कहा गया कि विजय भाटिया का जो हिसाब है, उसे मंगवाओ. शाम को उसके CA चंदन को बुलाया गया. अतुल को दूसरे दिन छोड़ा गया. एक दिन बाद फिर उसे बुलाया गया और उसका बयान दर्ज किया गया. 

 

उसने पुलिस को बताया कि उसके चाचा का देहांत हो गया है. उसे 20 नवंबर को जनकपुर जाना है और 24 नवंबर को लौटना है. उसे वहां से पुलिस की निगरानी में सेक्टर-6 थाना में लाया गया. वहां दुर्ग SP अभिशेक पल्लव और Addl.SP संजय ध्रुव सहित दूसरे पुलिस वाले थे. इन लोगों ने उसे मुकेश और चंदन को भला बुरा कहा. भाटिया से माफी मांगने और उसका पेमेंट क्लियर करने को कहा.

 

उसे 24-29 नवंबर तक रोज सुबह 10 बजे से रात के 11 बजे तक क्राइम ब्रांच में बैठा कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. इस बीच विजय भाटिया के डॉरेक्टरों के नाम पर 60 लाख रुपये दिलवाया गया. पुलिस वालों मे उसे अपने मेल ID से भाटिया के वकील को मेल करने का कहा.

 

पत्र में आगे लिखा है मेल नहीं करने पर ये मुझ पर दवाब बनायेंगे. किसी केस में फंसाने की धमकी देंगे. हो सकता है किसी केस में फंसा दें. हो सकता है मेरी हत्या करवा दें या मुझे आत्महत्या करने पर मजबूर करें. अगर किसी तरह के उसे (अतुल) को कुछ होता है तो अभिषेक पल्लव, संजय ध्रुव और संतोष मिश्रा इसके जिम्मेवार होंगे. विजय मेरे हिस्से का पैसा भी लेना चाहता है. इसके कहने पर पुलिस वाले मुझ पर दबाव बना रहे हैं. अगर उसे कुछ होता है तो यह पत्र न्यायाधीश, CBI, ED, आयकर विभाग और मीडिया को भेज दिया जाये.

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