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धनबाद में मातृ शिशु मृत्यु दर कम करना सबसे बड़ी चुनौती: सिविल सर्जन

Dhanbad: धनबाद (Dhanbad) धनबाद जिला स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में द चैलेंज इनिशिएटिव (टी.सी.आई), इंडिया कार्यक्रम के तकनीकी सहयोग से गुरुवार 25 अगस्त को सोनोटेल होटल के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने दीप जला कर किया. उन्होंने धनबाद में शहरी स्वास्थ्य सेवा के बारे में बताया और परिवार नियोजन का महत्व समझाया. उन्होंने कहा कि धनबाद में सबसे बड़ी चुनौती मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करना है और टी सी आई इंडिया परियोजना के सहयोग से शहरी क्षेत्र में परिवार नियोजन को सुदृढ़ करने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी. टी सी आई इंडिया के तहत काम करने पर लक्ष्य को पूरा कर सकेंगे.

   उपलब्ध संसाधन, कौशल सहित कई मुद्दों पर चर्चा

कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में स्वास्थ्य के विभिन्न पक्षों यथा मातृ शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, किशोर स्वास्थ्य आदि के लिए उपलब्ध संसाधन, कौशल, समुदाय में पंहुच जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई और जानने का प्रयास किया गया कि सभी विभाग कैसे परस्पर समन्वय से काम कर सकते हैं.

      टीसीआई के राज्य प्रतिनिधि ने दिया ब्योरा

टीसीआई के राज्य प्रतिनिधि ने बताया कि टीसी आई इंडिया कार्यक्रम का क्रियान्वयन पी एस आई इंडिया संस्था कर रही है. पी एस आई इंडिया भारतीय स्वयं सेवी संस्था है, जो वर्ष 1988 से केंद्र व राज्य सरकारों और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रयासरत है. टी सी आई इंडिया कार्यक्रम शहरी स्वास्थ्य तथा शहरी परिवार नियोजन के हाई इम्पैक्ट इंटरवेंशन (एच.आई.आई) को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान करता है. विभिन्न राज्यों में सकारात्मक परिणाम को देखते हुए, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के आदेशानुसार राज्यके पांच शहरों (रांची, बोकारो, धनबाद, देवघर और पूर्वी सिंहभूम) को टी.सी.आई इंडिया के तकनीकी सहयोग हेतु चयनित किया गया है.

  टी सी आई इंडिया प्रदान करेगा तकनीकी सहायता

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alt="" width="300" height="167" /> कार्यशाला में मौजूद गणमान्य प्रतिनिधि[/caption] टी सी आई इंडिया शहरी स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन के हाई इम्पैक्ट इंटरवेंशन को झारखंड राज्य में बड़े पैमाने पर लागू कर शहरी गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु सरकार को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा. कार्यशाला में डी आर सी एच ओ डॉ संजीव ने रिपोर्टिंग पर ज़ोर देते हुए कहा कि प्राइवेट स्वास्थ्य केंद्र को भी अपनी रिपोर्ट जिला में भेजनी चाहिए और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रोच के साथ काम करना चाहिए.

  स्लम बस्तियों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत

प्रसूति एवं स्त्री रोग सोसाइटी की प्रेसिडेंट डॉ प्रतिभा राय ने परिवार नियोजन की जरुरत को समझाते हुए कहा कि यह हर व्यक्ति का अधिकार है और कहा कि स्लम बस्तियों में रहने वालों पर हमें ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है. स्‍लम की मैपिंग और लिस्टिंग होनी चाहिए, ताकि उन गरीब तबकों तक परिवार नियोजन एवं स्वास्थ्य की सभी सुविधा उनको मिल सके. सिटी अरबन हेल्थ मैनेजर ( प्लानिंग) विनय कुमार यादव ने कहा कि  स्लम बस्तियों में जो स्वास्थ्य केंद्र है, वहां सुविधा नहीं पहुंच पाती है. अरबन कम्युनिटी सेंटर, हेल्‍थ सेंटर और सदर अस्प्ताल के साथ जोड़ कर उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्लान करना है. यह भी पढ़ें:  धनबाद">https://lagatar.in/motor-glider-service-resumed-in-dhanbad/">धनबाद

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