राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं करना लोकतंत्र का अपमान- जनार्दन
भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद ने कहा कि नये संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया जाना लोकतंत्र का अपमान है. मोदी सरकार के शासन काल में संसद की कार्यवाही में संविधान की मूल आत्मा को नष्ट कर दिया गया है. न्याय से आम आदमी से दूर होता जा रहा है. केंद्र की भाजपा सरकार का चरित्र महिला और आदिवासी विरोधी है. विरोध प्रर्दशन में भाकपा माले के केंद्रीय कमिटी सदस्य शुभेंदु सेन, नगर सचिव नंदिता भट्टाचार्य, मोहन दत्ता, माकपा के एसके रॉय, भाकपा के छुनू उरांव, मनोज ठाकुर, भुवनेश्वर केवट, बेंजामिन लकड़ा, भीम साहू, आनन्द तांबा, विनोद लहरी, सुदामा खलखो, रंजीत उरांव, सपना गाड़ी, आयती तिर्की, मंजू तिर्की मुख्य रूप से उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – स्कूल">https://lagatar.in/school-of-excellence-received-four-times-more-applications-than-seats/">स्कूलऑफ एक्सीलेंस के लिए तय सीट की तुलना में चार गुना अधिक आवेदन आए [wpse_comments_template]
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