Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

दबंगों ने जमीन पर कर लिया कब्जा, गिरिडीह से पैदल रांची पहुंचा परिवार, सीएम से मदद की गुहार

Ranchi: गिरिडीह से परिवार के साथ पैदल रांची पहुंचने वाले हरिलाल दास ने बताया कि उनकी 1.13 एकड़ जमीन पर गांव के ही दबंगों ने कब्जा कर लिया है. अपनी जमीन को लेकर वे अधिकारियों से मिले, कोर्ट की शरण में भी गए. लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से केस लड़ नहीं पा रहे. किसी भी प्रकार की कोई मदद हमें नहीं मिल पा रही है. जमीन के सारे पेपर और वंशावली उनके पास हैं. उन्होंने गिरिडीह में अनशन भी किया. डीसी से भी मुलाकात की, लेकिन बात नहीं बन पायी. आखिरकार थक हारकर परिवार के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर गुहार लगाने पैदल ही निकल पड़े. मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा सुनाने पूरे परिवार के साथ गिरिडीह से रांची का सफर पैदल ही तय कर पहुंचे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो पी रही है. कई दिनों से इधर-उधर भटक रहे हैं. देखें वीडियो पूरा मामला गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सिरसिया प्रखंड वार्ड 13 के शीतलपुर पोस्ट का है. यहां हरिलाल दास अपने परिवार के साथ रहते हैं. उनका कहना है कि गांव के ही कुछ दबंगों ने उनकी जमीन कब्जे में ले ली है. वे मजदूरी कर किसी प्रकार परिवार का गुजारा चलाते हैं. अब घर और जमीन नहीं रहने से उनका परिवार पूरी तरह से बेसहारा हो गया है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/1-34.jpg"

alt="" width="1280" height="720" /> https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/2-22.jpg"

alt="" width="1280" height="720" /> https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/3-6.jpg"

alt="" width="1280" height="720" /> https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/5-4.jpg"

alt="" width="1280" height="720" /> तस्वीरों में हरिलाल दास का परिवार, पांव में छाले पड़े...सीएम से मदद की गुहार हरीलाल दास की पत्नी बसंती देवी ने कहा कि हमारी 1 एकड़ 13 डिसमिल जमीन पर गुंडों ने कब्जा कर लिया है. 6 अप्रैल को गिरिडीह से पैदल चलकर 11 अप्रैल को रांची पहुंचे हैं, और इधर-उधर रहने को मजबूर हैं. किसी ने 5 किलो चावल दे दिया तो चावल और नमक खा कर रह रहे हैं. जल्द मुख्यमंत्री जांच के आदेश दें अन्यथा हम लोग अपने प्राण त्याग देंगे. [wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही