Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - जिन राज्यों में हिंदू कम हैं, वहां उन्हें अल्पसंख्यकों का दर्जा दिया जा सकता है

Advertisement
Advertisement
New delhi :  केन्द्र सरकार ने  सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जिन राज्यों में हिंदुओं की संख्या कम है वहां की सरकारें उन्हें अल्पसंख्यक घोषित कर सकती हैं. केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफ़नामा दाख़िल कर यह जानकारी दी है. यह हलफ़नामा एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय की उस याचिका के बाद दाखिल  किया गया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि लदाख, मिज़ोरम, लक्षद्वीप, कश्मीर, नगालैंड, मेघालय, अरुणाचल, पंजाब और मणिपुर में यहूदी, बहाई और हिंदू धर्म के लोग अपने संस्थानों को अल्पसंख्यक संस्थान के तौर पर संचालित नहीं कर सकते. इसे भी पढ़ें-चतरा:">https://lagatar.in/chatra-police-arrested-five-smugglers-with-brown-sugar/">चतरा:

पुलिस ने ब्राउन शुगर के साथ पांच तस्करों को किया गिरफ्तार इसमें कहा गया है कि ऐसा होने की स्थिति में हिंदू इन राज्यों में अपने अल्पसंख्यक संस्थान स्थापित और संचालित कर सकते हैं.केंद्र ने उदाहरण देकर बताया है कि जैसे महाराष्ट्र ने 2016 में यहूदियों को अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा दिया था,वैसे ही राज्य  धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यक का दर्जा दे सकते हैं. कर्नाटक ने भी उर्दू, तेलुगू, तमिल, मलयालम, मराठी,तुलु, लमानी, हिंदी, कोंकणी और गुजराती को अपने राज्य में अल्पसंख्यक भाषाओं का दर्ज दिया है.केंद्र ने आगे अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा है कि  "राज्य सरकारें ऐसे समुदायों के संस्थानों को अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा दे सकती हैं. इसे भी पढ़ें-क्या">https://lagatar.in/will-the-workers-national-movement-be-able-to-stop-the-storm-of-privatization/">क्या

श्रमिकों का राष्ट्रीय आंदोलन निजीकरण की आंधी रोक सकने में सक्षम साबित हो सकेगा ! ये हलफ़नामा एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय की उस याचिका के बाद दायर किया गया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि लदाख, मिज़ोरम, लक्षद्वीप, कश्मीर, नगालैंड, मेघालय, अरुणाचल, पंजाब और मणिपुर में यहूदी, बहाई और हिंदू धर्म के लोग अपने संस्थानों को अल्पसंख्यक संस्थान के तौर पर संचालित नहीं कर सकते.28 मार्च को सुप्रीम कोर्ट को इस मामले की सुनवाई दस मई के लिए टाल दी है. अब अदालत 10 मई को इस मामले में सुनवाई करेगी. [wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही