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केंद्र ने झारखंड के लिए पिछले वित्तीय वर्ष अनुदान व केंद्रीय करों की हिस्सेदारी मे भारी कटौती की

Ranchi : केंद्र सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के दौरान सहायता अनुदान और केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में भारी कटौती कर दी है. इससे झारखंड सरकार को इन मदों में लक्ष्य के मुकाबले 6872.89 करोड़ रुपये कम मिला. इसके अलावा जनता को राहत देने के लिए GST दरों किये गये संशोधन से राज्य को इस मद में 4000 करोड़ रुपये कम मिला. इससे राज्य के पास खर्च के निर्धारित लक्ष्य के मुकबाले पैसों की कमी पैदा हुई.

झारखंड सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के लिए कुल 145400.00 करोड़ रुपये बजट पेश किया था. चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) का बजट पेश करने के दौरान सरकार ने 2025-2026 के बजट आकार में 4875.09 करोड़ की वृद्धि की. इससे 2025-26 के बजट का आकार बढ़ कर 150275.09 करोड़ रुपये हो गया है. लेकिन केंद्र सरकार द्वारा की गयी कटौती और GST संशोधन के प्रभाव से सरकार के पास अनुमानित खर्च के मुकाबले 10872.89 रुपये की कमी पैदा हुई. राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान कर्ज लेने की निर्धारित क्षमता के मुकाबले कम कर्ज लिया.

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्रीय सहायता अनुदान मद में 17057.10 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान था. इसके मुकाबले 12079.55 करोड़ रुपये ही मिला. यानी केंद्रीय सहायता अनुदान मद में राज्य को लक्ष्य के मुकाबले 4977.55 करोड़ रुपये कम मिला.

सरकार ने कंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 47040.22 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान किया था. लेकिन सिर्फ 46065.55 करोड़ रुपये ही मिला. यानी केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 947.67 करोड़ रुपये कम मिला. इन दोनों मदों में सरकार को अपने अनुमान के मुकाबले 5925.22 करोड़ रपये कम मिला. 

इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा जनता को राहत देने के उद्देश्य से GST दरों में की गयी कटौती की वजह से सरकार को इस मद में लक्ष्य के मुकबाले 4000 करोड़ रुपये कम मिले. राज्य को Electricity Duty (E.Duty), Professional Tax (P.taX) और VAT मद में भी निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कम पैसा मिला है.

पिछले वित्तीय वर्ष बजट अनुमान के मुकाबले कम राशि से परेशान राज्य सरकार पर चालू वित्तीय वर्ष के दौरान क़रीब 6000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर VB-G-RAM-G योजना शुरू करने की वजह से राज्य पर यह बोझ बढ़ेगा. 

पहले मनरेगा में 90:10 का फंडिंग पैटर्न था. यानी कुल खर्च का 90 प्रतिशत केंद्र सरकार देती थी. राज्य को सिर्फ 10 प्रतिशत राशि ही खर्च करना पड़ा था. केंद्र सरकार ने VB-G-RAM-G में 60:40 का फंडिंग पैटर्न लागू किया है. इससे राज्य को अब 10% के बदले  40% राशि खर्च करना होगा.

वाणिज्य कर विभाग मे लक्ष्य और वसूली (करोड़ में)

मद

लक्ष्य  वसूली  उपलब्धि
GST  15390.00  12543.00  82%
VAT  8938.00  6986.00  78%
E.Duty 
1600.00 
1302.00 
81%
P.Tax 
200.00 
103.00 
52%

 

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