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चैंबर को केंद्रीय बजट से झारखंड के लिए ढेरों उम्मीदें, सीतारमण को भेजा सुझाव पत्र

Rehan Ahmad Ranchi: झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को आगामी केंद्रीय बजट को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भेजे हैं. चैंबर के अध्यक्ष परेश गट्टानी, महासचिव आदित्य मल्होत्रा, सह-सचिव विकास विजयवर्गी, नवजोत अलंग समेत अन्य पदाधिकारियों ने केंद्रीय बजट में झारखंड को उचित स्थान देने के लिए पहले भी पत्राचार किया था, ताकि नए बजट से राज्य का विकास और तेज़ी से हो सके. चैंबर की कोशिश है कि इस बजट से झारखंड के सभी वर्गों – किसान, मजदूर, छात्र, छोटे-बड़े व्यापारी को लाभ मिले और राज्य का समग्र विकास हो सके. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/01/Untitled-1-59.jpg">

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झारखंड की तस्वीर में बदलाव

  झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री को भेजे गए पत्र में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं. महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने बताया कि पत्र के माध्यम से हमने टैक्स और जीएसटी से जुड़े कई प्रस्ताव दिए हैं. इसके अलावा, आधारभूत संरचना और कृषि विकास के लिए भी कई सुझाव दिए गए हैं.एक और स्टील प्लांट राज्य में स्थापित करने से क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा. उन्होंने यह भी कहा कि चैंबर की मांग है कि रक्षा और रेलवे के बड़े केंद्र झारखंड में स्थापित किए जाएं. वर्तमान में, झारखंड से लोहा अन्य राज्यों में भेजा जाता है, लेकिन यदि यहां बड़े प्लांट स्थापित होंगे, तो राज्य की अर्थव्यवस्था में बड़ा इन्फ्लेक्शन आएगा. इसके साथ ही राज्य के लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. जिससे पलायन की समस्या पर काबू पाया जा सकेगा और हमारा पैसा राज्य में ही रहेगा. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/01/Untitled-4-32.jpg">

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स्वास्थ्य क्षेत्र को मिले प्रमुखता

चैंबर ने केंद्रीय बजट में व्यवसायियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मांग की है और स्वास्थ्य बीमा के नियमों को लचीला बनाने का भी अनुरोध किया है. इसके अलावा, मोटर पार्ट्स पर 28% जीएसटी को घटाकर 17% करने और सड़क सुरक्षा से जुड़ी वस्तुओं, जैसे हेलमेट, पर जीएसटी दर को 18% से घटाकर 12% करने की मांग की गई है.व्यवसायियों को 65 वर्ष की आयु के बाद पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, क्योंकि वे पूरे जीवनभर टैक्स देते हैं और समाज की प्रगति में अहम योगदान करते हैं. आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि यदि लोग स्वस्थ रहेंगे, तो यह देश के लिए बड़ी संपत्ति होगी और इस वर्ष के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्रमुखता से आवंटित किया जाना चाहिए. हमारी मांग है कि जीडीपी का 5% स्वास्थ्य सेवा पर केंद्रित किया जाए.

कृषि क्षेत्र और अन्य विकासात्मक सुझाव

कृषि क्षेत्र में कई सुधारों से कृषकों को लाभ होगा, जैसे एमएसपी के मूल्य का निर्धारण, ताकि किसान को हमेशा एक न्यूनतम मूल्य मिल सके. चैंबर की मांग है कि नई तकनीकों जैसे ड्रोन, वर्टिकल फार्मिंग, स्पेस इकोनॉमी और अन्य नये क्षेत्र कृषि में समाहित किए जाएं. इसके अलावा झारखंड के सभी शहरों में अंडरपास, ओवरपास, आरओबी की बेहतर योजना होनी चाहिए, ताकि शहरों का विकास तेजी से हो सके.

मुख्य मांगें

1. झारखंड में ईआई बेस डाइग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना हो. 2. राज्यभर में मीनू ट्रेन चलायी जाए, ताकि शहरों को जोड़ने में आसानी हो. 3. चतरा, गुमला और सिमडेगा में रेल सुविधा उपलब्ध हो. 4. चतरा में स्टील प्लांट स्थापित किया जाए. 5. चक्रधरपुर में रक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े संयंत्र स्थापित किए जाएं. 6. झारखंड में इंजीनियरिंग, मेडिकल, और आईटीआई के विश्वविद्यालय खोले जाएं, ताकि राज्य में ही उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सके. 7. राज्य में आईटी कंपनियां खोली जाएं, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों. 8. ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स का हब स्थापित किया जाए. 9. झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाए. 10. कृषि में नई तकनीकों को अपनाकर राज्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके. 11. रांची में नया रेलवे जोन स्थापित किया जाए. 12. पूर्वी भारत को विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि झारखंड अधिक विकसित हो सके. इसे भी पढ़ें -

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