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झारखंड में संगठित अपराध का बदलता चेहरा, गिरोहों की कमान संभाल रहीं महिलाएं

झारखंड में संगठित अपराध का चेहरा तेजी से बदल रहा है. अब आपराधिक गिरोह में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी सक्रिय रूप से किंगपिन और लॉजिस्टिक्स मैनेजर की भूमिका निभा रही हैं. हालिया पुलिस और एटीएस की जांच में सामने आया है कि राज्य के कई कुख्यात गैंगस्टर जेल में बंद होने या फरार रहने के दौरान अपनी पत्नियों और महिला सहयोगियों के जरिए गिरोह का संचालन कर रहे हैं.
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Ranchi :  झारखंड में संगठित अपराध का चेहरा तेजी से बदल रहा है. अब आपराधिक गिरोह में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी सक्रिय रूप से किंगपिन और लॉजिस्टिक्स मैनेजर की भूमिका निभा रही हैं. हालिया पुलिस और एटीएस की जांच में सामने आया है कि राज्य के कई कुख्यात गैंगस्टर जेल में बंद होने या फरार रहने के दौरान अपनी पत्नियों और महिला सहयोगियों के जरिए गिरोह का संचालन कर रहे हैं. 

 

सुजीत सिन्हा गैंग : पत्नी रिया सिन्हा बनी मास्टरमाइंड

कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी रिया सिन्हा ने गिरोह की पूरी कमान संभाल ली. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि रिया न केवल गिरोह का संचालन कर रही थी, बल्कि युवाओं को पैसों का लालच देकर अपराध की दुनिया में भर्ती भी कर रही थी.

 

जांच के अनुसार, रिया ने गैंग में बड़ी संख्या में महिलाओं को शामिल किया था, जिनका मुख्य काम पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते आने वाले अवैध हथियारों को सुरक्षित तरीके से झारखंड तक पहुंचाना था.

 

13 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में रिया सिन्हा सहित बबलू खान, शाहीद उर्फ अफरीदी, मोहम्मद सेराज और रवि आनंद को गिरफ्तार किया. इनके पास से पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और वाहन बरामद किए गए.

 

राहुल दुबे गैंग : महिला सदस्य की अलमारी से हथियारों का जखीरा बरामद 

राहुल दुबे गिरोह में भी महिलाओं की सक्रियता तेजी से बढ़ी है. 19 जनवरी को पुलिस ने गिरोह के सक्रिय सदस्य राजदीप साव और महिला सहयोगी मुनिका कुमारी को गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान मुनिका के घर की अलमारी से कपड़े या गहने नहीं, बल्कि एके-47 और एसएलआर राइफल की दर्जनों मैगजीन और लोडेड पिस्टल बरामद हुईं.  पुलिस के मुताबिक, अपराधी महिलाओं का इस्तेमाल हथियार छिपाने के लिए कर रहे हैं, क्योंकि आमतौर पर महिला सदस्यों के घरों पर संदेह अपेक्षाकृत कम किया जाता है. 

 

अमन साहू गिरोह: पम्मी की फायरिंग से फंडिंग तक में भूमिका

गैंगस्टर अमन साहू (मृत) के गिरोह में पम्मी नाम की महिला का दबदबा था. पम्मी कुख्यात अपराधी आकाश राय की पत्नी है. पम्मी गिरोह के लिए न केवल हथियारों का इंतजाम करती थी, बल्कि रंगदारी के पैसों का प्रबंधन भी वही देखती थी.

 

छत्तीसगढ़ पुलिस और झारखंड एटीएस ने उसे 9 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया था. जांच में पता चला कि छत्तीसगढ़ में एक कारोबारी के घर पर हुई फायरिंग के दौरान पम्मी खुद मौके पर मौजूद थी.

 

पुलिस की चिंता बढ़ी

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधी गिरोहों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी कानून-व्यवस्था के लिए नई चुनौती बन रही है. अब जांच एजेंसियां महिला नेटवर्क, फंडिंग चैनल और लॉजिस्टिक्स सिस्टम पर विशेष नजर रख रही हैं. 

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