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झारखंड-बिहार के इकलौता भूतात्विक प्रयोगशाला का हाल बेहाल, 83 की जगह 14 कर्मी से चलाया जा रहा काम

वर्षों से बहाली नहीं, रिक्त पड़े हैं कर्मियों के अधिकांश पद, सरकार को भी राजस्व का हो रहा नुकसान Pramod Upadhyay Hazaribagh : खनिज पदार्थों की जांच के लिए झारखंड-बिहार का इकलौता राजकीय भूतात्विक प्रयोगशाला का हाल बेहाल है. वर्ष 1965 में स्थापित इस प्रयोगशाला में वर्षों से बहाली नहीं हुई है. अधिकांश कर्मियों के पद खाली पड़े हैं. कुल 83 कर्मियों की यहां जरूरत है, लेकिन महज 14 कर्मियों से काम चलया जा रहा है. ऐसे में काम का नुकसान भी हो रहा है और सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है.

भू-गर्भ से जुड़े करीब 200 खनिज पदार्थों की होती है जांच

इस प्रयोगशाला में भू-गर्भ से जुड़े करीब 200 खनिज पदार्थों की जांच होती है. उनकी गुणवत्ता, शुद्धता और कई स्तर की जांच की जाती है. जल की गुणवत्ता भी परखी जाती है. यहां कोयला, पत्थर, तांबा समेत जमीन के अंदर से निकलनेवाले विभिन्न खनिज पदार्थों के नमूने की जांच की जाती है. फिर उसकी रिपोर्ट सरकार, विभाग और संबंधित एजेंसियों को दी जाती है. उसके बाद ही मानक के अनुसार उन खनिज पदार्थों के बाजार मूल्य तय किए जाते हैं. वहीं से सर्टिफिकेट दिए जाते हैं.

धूल फांक रही करोड़ों की मशीन और उपकरण

भूतात्विक प्रयोगशाला में करोड़ों की मशीन और उपकरण धूल फांक रही है. यहां कार्यालय में कर्मियों से बात की गई, तो पता चला कि मानव संसाधन की कमी और फंड के अभाव में काम प्रभावित हो रहा है.

बंद हो चुका है ड्रिलिंग का काम, दो विंग चालू हालत में

यहां तीन विंग में एक ड्रिलिंग का काम बंद हो चुका है. केमिकल (पेट्रोलॉजिकल) और माइनिंग का काम फिलहाल चल रहा है. करीब 10 एकड़ भू-भाग पर फैला यह प्रयोगशाला उचित देखरेख के अभाव में दम तोड़ता नजर आ रहा है. इसकी बाउंड्री को तोड़कर सरकारी जमीन पर भू-माफिया कब्जा की फिराक में हैं. माफियाओं की गिद्ध नजर प्रयोगशाला की जमीन पर गड़ी है.

किन पदों पर कितने ऑफिसर-कर्मी

डिप्टी डायरेक्टर लैब व केमिस्ट के एक-एक पद पर ऑफिसर नहीं हैं. सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर के एक पद रिक्त हैं. साइंटिफिक ऑफिसर के छह पदों में एक पद रिक्त है. सीनियर केमिस्ट के एक पद खाली हैं. केमिस्ट के छह में दो पद रिक्त हैं. जियोलॉजिकल एनालाइस्ट के 30 पदों में एक भी विशेषज्ञ नहीं हैं. हेड क्लर्क में एक पद पर कर्मी हैं. क्लर्क के सभी 13 पद रिक्त हैं. सेक्शन कटर के चार पदों में दो पर कर्मी तैनात हैं. इलेक्ट्रिशियन और ड्राइवर के एक-एक पद खाली हैं. लैब अटेंडेंट के नौ पदों में पांच पद पर कर्मी तैनात हैं. पियून के पांच पदों में एक कार्यरत हैं. नाइट गार्ड में का एक और गार्डेनर का एक पद खाली है.

राष्ट्रीय स्तर की बन जाए प्रयोगशाला, तो बदल जाएगी तस्वीर : प्रो. एचएन सिन्हा

विनोबाभावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के भू-गर्भशास्त्र विभाग के एचओडी प्रो. एचएन सिन्हा कहते हैं कि बिहार-झारखंड का इकलौता प्रयोगशाला होने के कारण इसका संरक्षण जरूरी है. अगर इसे राष्ट्रीय प्रयोगशाला बनाने की पहल की जाए, तो इसका कायाकल्प हो जाएगा और इसकी तस्वीर बदल जाएगी. साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से खनिज पदार्थों के नमूने की जांच होने लगेगी. इससे सरकार का इस प्रयोगशाला के प्रति ध्यान भी आकृष्ट होगा और इससे सरकार को राजस्व भी मिलने लगेगा. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/bootatwik-lab_635-1-300x200.jpg"

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