‘शुभम संदेश’ के जनसंवाद में व्यवसायियों समेत शहर के प्रबुद्धजनों ने दी नेक सलाह
Hazaribagh : जिले के गणमान्य व्यवसायियों और विभिन्न क्षेत्रों में सेवा देने वाले प्रबुद्धजनों ने ‘शुभम संदेश’ अखबार के साथ लगातार दो दिनों तक संवाद स्थापित किया. इस दौरान शहर की समस्याओं और उसके निदान और क्षेत्र की सूरत के बदलाव में अखबार की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की. लोगों ने परिचर्चा के दौरान बताया कि किन-किन क्षेत्रों में विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है और अखबारों में कैसे आलेख या समाचार प्रकाशित होने चाहिए. पीडब्ल्यूडी चौक स्थित दालचीनी रेस्टोरेंट में बुधवार शाम व्यवसायी वर्गों ने ‘शुभम संदेश’ की टीम के साथ संवाद स्थापित किया. यहां व्यवसायियों ने शहर की समस्याओं समेत कई बिंदुओं पर चर्चा की. व्यवसायियों का यह भी कहना था कि आजकल के बच्चे अखबार से दूर होते जा रहे हैं. अखबार में वैसा कंटेंट और थीम होना चाहिए, जो बच्चों को आकर्षित करे. वर्तमान में कोई भी अखबार इस बिंदु पर काम नहीं कर रहा है. अखबार में व्यवसाय जगत से जुड़ी खबर जैसे स्टार्ट अप के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. परिचर्चा में मुख्य रूप से समाजसेवी सह व्यवसायी मनोज गोयल, राकेश गुप्ता, उमेश कुमार चौबे, कृष्णा प्रसाद, निर्मल जैन, गुरुकुल के निदेशक जेपी जैन, राजीव कुमार मेहता, छात्र संघ के अभिषेक कुमार, अनूप भाई वर्मा, विवेक सिंह आदि ने अपनी राय रखी. परिचर्चा कार्यक्रम में दैनिक अखबार ‘शुभम संदेश’ के प्रधान संपादक सुरजीत सिंह, अखबार के सर्कुलेशन हेड चंद्रशेखर कुमार, हजारीबाग के प्रभारी विस्मय अलंकार, प्रमोद उपाध्याय, गौरव प्रकाश समेत कई लोग उपस्थित थे.जनसमस्याओं के निदान की दिशा में अखबार की भूमिका पर परिचर्चा
इससे पहले विगत मंगलवार की शाम प्रभु निवास मार्केट डेल्टा ऑफिस में समाज के प्रबुद्ध लोगों के साथ ‘शुभम संदेश’ की टीम ने संवाद स्थापित किया था. इसमें ट्रैफिक की व्यवस्था, सड़क, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार आदि के बारे में विस्तृत चर्चा की गई थी. लोगों ने बताया कि शहर में ट्रैफिक की स्थिति बेहद खराब है और इस बिंदु पर प्रशासन को संज्ञान लेने की जरूरत है. प्रबुद्धजनों में भैया अभिमन्यु प्रसाद ने कहा कि इस मुद्दे पर अखबार को विशेष रूप से फोकस करना चाहिए. वहीं, वार्ड की समस्या का भी जिक्र होना चाहिए, ताकि प्रशासन की नजर में भी समस्या पहुंचे. बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान देते हुए जहां कमी दिखती है, उसे उजागर करने की जरूरत है. वहीं, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पीआरओ सह राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने कहा कि अखबार कि यह जिम्मेवारी है कि वह लोगों को जागरूक करे. खासकर हजारीबाग में युवा वर्ग नशा की दुनिया में जा रहे हैं. उन्हें जागरूक करने की जरूरत है कि नशा उनके लिए अभिशाप है.alt="" width="600" height="400" /> इसे भी पढ़ें : लोकसभा">https://lagatar.in/womens-reservation-bill-passed-in-lok-sabha-454-votes-in-favor-only-two-against/">लोकसभा
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