Ranchi : झारखंड राज्य अनुबन्ध कर्मचारी महासंघ की वर्चुवल बैठक सोमवार को सम्पन हुई. बैठक विक्रांत ज्योति की अध्यक्षता में हुई . बैठक में एक स्वर में सभी संविदाकर्मियों ने झारखंड सरकार को अनुबंध कर्मियों के मुद्दों पर बिल्कुल असफल बताया.अपने सम्बोधन में संध के केंद्रीय अध्यक्ष विक्रांत ज्योति ने कहा कि सरकार के काम काज से अनुबंध में व्यापक आक्रोश है.यह सरकार नौकरशाहों के आगे नतमस्तक हो चुकी है.इसलिए कोई भी राज्य हित मे फैसला नहीं हो रहा है. बेरोजगारी, नियोजन नीति ,स्थानीय नीति और नियुक्ति नीति पर सरकार का विवादित चरित्र से झारखण्ड की जनता ठगा महसूस कर रही है. जिस मकसद से सत्ता बदली वह अधूरा रहा गया.यह सरकार जल जंगल जमीन,आदिवासी मूलवासी की स्मिता की रक्षा करने में नाकाम साबित हुई.मुख्यमंत्री ने चुनाव पूर्व घोषणा पत्र ,संविदा संवाद और जो वादा झारखंड की जनता के साथ किया था,वह पूर्णत: जुमला साबित हुआ.निराश संविदाकर्मियों ने सरकार को अपने कार्यकाल पर आत्ममंथन करने का अनुरोध किया. इसे भी पढ़ें-कांडी">https://lagatar.in/the-death-of-the-cook-of-kandi-mahuadham-both-kidneys-were-bad/">कांडी
महुआधाम की रसोइये की मौत, दोनों किडनी थी खराब
साल की बुजुर्ग शशि देवी अब तक राशन कार्ड से वंचित, पूछने पर फटकार लगाते हैं डीलर और सरकारी कर्मी
नियमों का पालन करते हुए करें कोयले का उत्पादन : डीजीएमएस
महुआधाम की रसोइये की मौत, दोनों किडनी थी खराब
तुलनात्मक अध्ययन करने की जरुरत
संध के केंद्रीय संयुक्त सचिव सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि झारखंड सरकार को खुद चुनावी घोषणा पत्र ,संविदा संवाद का भाषण और अपने विभिन्न चुनावी सभाओं में दिए गए भाषण और 2 वर्षो में संविदाकर्मियों के लिए किए गए कार्यो का तुलनात्मक अध्ययन कर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की गयी. साथ ही महासंघ के साथ एक द्वितीय संविदा संवाद करने का अपील की गयी. इसे भी पढ़ें-79">https://lagatar.in/79-year-old-shashi-devi-still-deprived-of-ration-card-reprimands-dealers-and-government-employees-for-asking/">79साल की बुजुर्ग शशि देवी अब तक राशन कार्ड से वंचित, पूछने पर फटकार लगाते हैं डीलर और सरकारी कर्मी
सरकार अपने कार्यकाल के शेष तीन वर्षों में क्या देंगी
महागठबंधन सरकार के दो वर्षो के कार्य काल से संविदाकर्मी निराशा राज्य के तम्माम संविदाकर्मियों को सरकार के दो वर्षो के कार्य काल में केवल निराशा ही हाथ लगी और यह कार्यकाल जनादेश का अपमान के लिए ही जाना जाएगा. सरकार बनते ही 3 महीने में समान काम समान वेतन, स्थायीकरण और संविदा शब्द हटाने का वादा कर यदि 2 वर्ष में भी दिखाने लायक कोई काम नही किया तो शर्मनाक है. इसे भी पढ़ें-सुरक्षा">https://lagatar.in/production-of-coal-following-safety-rules-dgms/">सुरक्षानियमों का पालन करते हुए करें कोयले का उत्पादन : डीजीएमएस
Leave a Comment