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एचईसी के 1700 संविदाकर्मियों का कांट्रैक्ट 31 अगस्त को हो जाएगा खत्म

  • अधिकारियों को 17 माह और कर्मियों को 14 माह का वेतन नहीं मिला है
Subham Kishor Ranchi : कभी मदर ऑफ ऑल इंडस्ट्री कहे जानेवाले हैवी इंजीनियरिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (एचईसी) की आर्थिक हालत इस कदर खराब हो चुकी है कि प्लांट कर्मियों को खाने-पानी के भी लाले पड़ चुके हैं. अब एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं है. एचईसी ने अधिकारियों को 17 माह और कर्मियों को 14 माह का वेतन नहीं मिला है. यहां लगभग 1700 संविदाकर्मी हैं और उनके बीच डर का अलग माहौल है. 31 अगस्त 2023 को उनका कांट्रैक्ट खत्म हो रहा है. अगर उनका कांट्रैक्ट दोबारा रिन्यू नहीं हुआ, तो उनके परिवार का क्या होगा. साथ ही एचईसी के संविदाकर्मी कंपनी के बायें हाथ के समान हैं. अगर वो नहीं रहे तो शायद एचईसी भी खत्म हो जाएगा.

... एचईसी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा- पंकज कुमार

एचईसी कर्मी पंकज कुमार ने बताया कि अप्रैल 2022 का वेतन उन्हें मार्च 2023 में दिया गया है. 14 माह का वेतन अभी बकाया है. वर्तमान में यहां 3000 वर्कर काम कर रहे हैं, जिसमें लगभग 1700 वर्कर कांट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं. जिस कांट्रैक्टर के अधीन काम कर रहे हैं, उसका निधन हो चुका है. 31 अगस्त 2023 को उनका कांट्रैक्ट खत्म हो रहा है. अब हमारा क्या होगा समझ नहीं आ रहा है. कांट्रैक्ट वर्कर के नहीं रहने से एचईसी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा. बताया कि सभी का पे स्लिप मार्च से बंद कर दिया गया है. डीए और ईएसआईसी भी बंद हो गया है. प्लांट में खाना, पानी और एंबुलेंस सभी सुविधा रोकी जा चुकी है. ऐसा नहीं है कि काम नहीं है. एचईसी में एनसीएल का काम चल रहा है, जो लगभग 100 करोड़ का है. जिसमें से रॉ मैटेरियल के लिए 35 करोड़ रुपये एडवांस में भी मिले हैं. लेकिन पूंजी नहीं होने के कारण दूसरे वर्कआर्डर पर काम नहीं किया जा रहा है. बताया कि आर्थिक तंगी इस कदर हावी हो चुकी है कि उसे बयां नहीं किया जा सकता है. बच्चों के खान-पान से लेकर पढ़ाई कराने तक के भी लाले पड़ चुके हैं. यहां के लगभग सभी कर्मी कर्ज के बोझ तले डूब चुके हैं.

केंद्र कोलेट्रल बैंक गारंटी दे - विनय जायसवाल

गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता विनय जायसवाल ने भारी उद्योग मंत्रालय के मंत्री महेंद्र नाथ पांडे से मुलाकात कर एचईसी की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की. उनसे 17 माह से लंबित वेतन, कोलेट्रल बैंक गारंटी, कर्मियों का प्रमोशन, दुकानदारों का किराया दर निर्धारण करने एवं एचईसी को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्थाई सीएमडी की मांग की. विनय जायसवाल ने कर्मियों की विभिन्न समस्याओं पर भी केंद्रीय मंत्री से चर्चा की. मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी कीमत पर एचईसी बंद नहीं होने देगी. उसे पुनर्जीवित करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें – पलामू">https://lagatar.in/palamu-dead-body-or-system-on-cart-who-is-responsible/">पलामू

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