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एक बिरहोर बच्ची की मौत की कीमत 40 हजार रुपये

 
ऋतिक कंपनी का कारनामा, मामले को दबाने की कोशिश पिता बीरु बिरहोर ने कहा- खून की उलटी करते मर गयी किरणी : मानवाधिकारों व बाल अधिकार का हो रहा उल्लंघन Pravin Kumar Ranchi/Hazaribagh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिम जनजातियों को उत्थान के लिए झारखंड से बड़ी योजनाओं की घोषणा करते हैं. वहीं झारखंड के केरेडारी प्रखंड में बिरहोर परिवारों को बिना पुनर्वासित किये एनटीपीसी के एमडीओ ऋतिक कंपनी द्वारा कोयला खनन किया जा रहा है, जहां मानव आधिकार और बाल अधिकार का उल्लंघन कर ऋतिक कंपनी कोयला खनन कर रहा है. यह खनन कार्य पराग गाव के बिरहोर टोला के 38 कदम की दूरी पर की जा रही है. पिछले 3 साल से चल रहे खनन के कारण बिरहोर परिवार बीमार हो रहे हैं. चट्टी बरियातू पंचायत के पगार गांव के बिरहोर टोला निवासी किरनी बिरहोर (10 वर्ष), पिता बीरु बिरहोर की मौत 28 फरवरी की रात में हो गई थी. एनटीपीसी ने बच्ची की मौत के मामले को अपने परियोजना क्षेत्र से बाहर का बताकर पल्ला झाड़ लिया था, लेकिन कोयला खनन कार्य कर रही एनटीपीसी के एमडीओ ऋतिक कंपनी ने बिरहोर बच्ची की मौत पर परिवार को 40 हजार मुआवजा दे दिया है. इसमें 5 हजार नगद और 35 हजार पिता बिरु बिरहोर के बैंक खाते में दिया है. ऋतिक कंपनी भी मामले को दबाने की पूरी कोशिश कर रही है.

28 फरवरी को बिरहोर बच्ची की हुई थी मौत

चट्टी बरियातू पंचायत के पगार गांव के बिरहोर टोला निवासी किरनी बिरहोर(10 वर्षीय) की मौत 28 फरवरी की रात में हो गई थी.एनटीपीसी ने बच्ची की मौत के मामले को अपने परियोजना क्षेत्र से बाहर का बताकर पल्ला झाड़ लिया था, वहीं मामले को दबाने के लिए कोयला खनन कर रही एनटीपीसी के एमडीओ ऋतिक कंपनी ने बिरहोर बच्ची के परिजनों को 40 हजार मुआवजा दे दिया, जिसमें 5 हजार नगद और 35 हजार पिता विरु बिरहोर के बैंक खाते में दिए गए हैं.

बच्ची मौत के बाद शव पर जल्द दफनाने का जोर

किरणी के पिता बिरू बिरहोर ने बताया कि बच्ची की मौत के बाद शव जल्दी दफनाने के लिए कंपनी ने जोर भी दिया. इस बात को लेकर भी कंपनी वाले जोर दे रहे थे. बिरहोर टोला के वार्ड सदस्य ने कहा किरणी की मौत प्रदूषण के कारण हुई है. वह कुछ दिन से बीमार थी. उसे इलाज के लिए केरेडारी स्वास्थ केंद्र ले गए जहां उचित इलाज का व्यवस्था नहीं होने से वापस लौट गए. फिर किरणी की मौत हो गई. कंपनी के लोग आपने प्रभाव और पैसे के बल पर यहां कुछ भी कर ले रहे है.

क्या कहते हैं टोला के बच्चे

बैजू बिरहोर (12) ने कहा कि यहां रहने में डर लगता है. अशु बिरहोर (11)ने भी कहा कि हमलोगों की कोई मदद नहीं कर रहा है. अंकित बिरहोर(12) का कहना है कि ब्लास्टिंग से घर हिल जाता है रात दिन शोर होता है, धूल उड़कर हमलोगों के भोजन में मिल जाता है. इसे खाकर हम बीमार हो रहे हैं.

बिरहोर बच्ची की मौत के मामले की होगी जांचः डीसी

हजारीबाग डीसी नैंसी सहाय ने कहा कि . मामले की जांच के लिए जिला में उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी. डीसी ने कहा है कि मामला गंभीर है. किस घटना-दुर्घटना में कितना मिलता है मुआवजा • मनरेगा मजदूरों की किसी भी दुर्घटनाओं में मौत होने दो लाख और सामान्य मौत पर एक लाख रुपए मुआवजा दिया जाता है • हाथी के हमले में मौत होने पर 6.5 लाख है मुआवजा राशि वन विभाग देता है

पीएम मोदी ने क्या की थी घोषणा

15 नवंबर 2023 को झाऱखंड के खूंटी से पीएम मोदी ने पीवीटीजी डेवलपमेंट मिशन की घोषणा की थी. इसका मकसद कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है. मिशन में पिछड़ी अनुसूचित जनजातियों के लिए बस्तियों में सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल व स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण, सड़क तक बेहतर पहुंच जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है. [wpse_comments_template]
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