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जेलों में बंद अपराधी बाहर कॉल कर वसूलते हैं रंगदारी, छापेमारी में जेल प्रशासन खाली हाथ रह जाता है...

Saurav Singh Ranchi: रांची सहित झारखंड की तमाम जेलों में बंद कुख्यात अपराधी मोबाइल फोन इस्तमाल कर रहे हैं, यह जग जाहिर है. जेल से अपराधियों के द्वारा रंगदारी मांगे जाने के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन यह जानकर हैरानी जरूर होगी कि जेलों में जब पुलिस प्रशासन की टीम छापेमारी करने जाती है तो, मोबाइल फ़ोन बरामद नहीं होते हैं.

कभी कभार खैनी और गुटखा बरामद हो जाते हैं

छापेमारी के दौरान कभी कभार खैनी और गुटखा बरामद हो जाते हैं. जेलों में बंद रहकर भी ये अपराधी रंगदारी वसूलने का काम कर रहे हैं. इतना ही नहीं वो जेल से हत्याओं की साजिश भी रच रहे हैं. कई बड़े अपराधी जेल के अंदर से ही मोबाइल फोन के सहारे अपने गुर्गो के सहयोग से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलवाते हैं.

कई हत्या और रंगदारी की घटनाएं, जिसके तार जेल के अंदर बंद अपराधियों से जुड़े थे

- रांची पुलिस ने अमन साहू गिरोह के प्रमोद सिंह और अमजद को गिरफ्तार किया था. प्रमोद ने पुलिस को बताया कि मेरे ही गांव के चंदन साव जो रांची जेल में बंद है, उसने 923498*94 से मेरे मोबाइल 834037079* पर व्हाट्सएप कॉल मैसेज किया था. बताया था  कि मयंक सिंह उर्फ सुनील सिंह मीना और पलामू जेल में बंद अमन साहु ने ओरमांझी में भारत माला सड़क निर्माण कंपनी को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज कर जान से मारने की धमकी दी थी. उनसे पचास लाख रुपया प्रोटेक्शन मनी की मांग की थी. - हजारीबाग के बड़कागांव स्थित एनटीपीसी कोल परियोजना चट्टी में कोयला उत्खनन का काम कर रही ऋत्विक कंपनी के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर शरद कुमार की 9 मई 2023 को हत्या कर दी गयी थी. इस हत्या की साजिश पश्चिम बंगाल की कोलकाता जेल, दुमका सेंट्रल जेल और हजारीबाग सेंट्रल जेल में अप्रैल माह में बनी थी. - रांची के जमीन कारोबारी कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय सिंह की हत्या की साजिश भी जेल में बंद डब्लू कुजूर और राहुल कुजूर ने रची थी. -  रांची के बरियातू थाना क्षेत्र के एदलहातु के टोंटे चौक स्थित अखड़ा के पास छह जून 2023 की देर शाम बिट्टू खान उर्फ तनवीर आलम की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस हत्याकांड की साजिश बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद राज वर्मा ने रची थी. - सराइकेला स्थित आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती के फिरोज अंसारी की हत्या मुस्तफा अंसारी ने करायी थी. मुस्तफा अंसारी ने अपने पिता साबिर हुसैन की हत्या का बदला लेने के लिए घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद अपनी बुआ ड्रग पेडलर डॉली परवीन के साथ मिलकर साजिश रची थी. [wpse_comments_template]

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